राहुल गांधी का आरोप-सरकार पेट्रोल और LPG के स्टॉक को लेकर झूठ बोल रही है...स्पीकर ने LOP को इस बात के लिए टोका
नई दिल्ली। आज विपक्षी दलों के सांसदों ने LPG सिलेंडर के कथित संकट पर संसद में प्रोटेस्ट किया। राहुल गांधी ने लोकसभा में आरोप लगाया कि सरकार पेट्रोल और LPG के स्टॉक को लेकर झूठ बोल रही है। जनता को गुमराह कर रही है। हकीकत ये है कि देश में पेट्रोल डीजल और रसोई गैस की किल्लत है। इसलिए सरकार को सामने आकर सारी स्थिति साफ करनी चाहिए।
देश में एलपीजी को लेकर संकट है
राहुल गांधी ने ईरान युद्ध का उल्लेख करते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है। देश में एलपीजी को लेकर संकट है। स्ट्रीट वेंडर्स पर ज्यादा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका कौन होता है हमें यह बताने वाला कि हम किससे तेल खरीदेंगे, किससे गैस खरीदेंगे। छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। मैंने कहा कि कॉम्प्रोमाइज्ड। यहां एक मंत्री जी बैठे हैं, जिन्होंने कहा था एपस्टीन दोस्त। इस बात पर संसद में भारी हंगामा शुरू हो गया। ट्रेजरी बेंच की ओर से हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि आपने नोटिस कुछ और दिया है। नोटिस बोलिए। नियम से परे बोलने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। स्पीकर ने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव से पूछा कि कुछ बोलना चाहते हैं। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष के नेता अपनी बात पूरी कर लें, उसके बाद बोलना चाहेंगे।
देश में एलपीजी का संकट हो रहा है
राहुल गांधी ने सरकार से LPG की कमी से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा और चर्चा करने के लिए नोटिस दिया। राहुल गांधी के नोटिस के बाद संसद गैस संकट पर चर्चा के लिए तैयार हो गई है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी आज संसद में इसपर जवाब देंगे और बहस की शुरुआत राहुल गांधी ने की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश में एलपीजी संकट है। छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। रूस से तेल क्यों नहीं खरीद सकते।
अमेरिका बता रहा है किससे तेल खरीदना है
राहुल गांधी ने संसद में गैस संकट पर कहा कि अमेरिका बता रहा है किससे तेल खरीदना है। भारत के फैसले अमेरिका ले रहा है। क्या हम अमेरिका के कहने पर तेल लेंगे। रूस से हम तेल क्यों नहीं हो सकते। देश में एलपीजी का संकट हो रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने संसद में गैस संकट पर कहा कि अमेरिका बता रहा है किससे तेल खरीदना है। भारत के फैसले अमेरिका ले रहा है। छोटे व्यापारी परेशान हो रहे हैं।