दुनिया में सबसे छोटे रोजे वाले देश, तुरंत आ जाता है इफ्तार का टाइम, जानें नाम
नई दिल्ली। साल 2026 में रमजान के दौरान भौगोलिक स्थिति और सूरज ढलने के समय के आधार पर रोज़े की अवधि में काफी अंतर देखा जा रहा है। जहाँ दुनिया के कुछ हिस्सों में 14-15 घंटे का रोज़ा है, वहीं कुछ देशों में इफ्तार का समय बहुत जल्दी आ जाता है।
इन देशों में सबसे ज्यादा घंटे रहेंगे रोजे
सऊदी अरब, UAE, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान समेत खाड़ी देशों में भी ऐसा ही पैटर्न रहने का अनुमान है। जहां रोजे का समय 12 से 13 घंटे के बीच रहेगा। UK, जर्मनी और स्कैंडिनेविया समेत यूरोप के कुछ हिस्सों में लंबे रोजे रखेंगे। वहीं, इस बार न्यूजीलैंड में सबसे लंबा रोजा होगा, जोकि 14 घंटे और 50 मिनट का रहने वाला है। न्यूजीलैंड के बाद 14 घंटे और 13 मिनट का दूसरा सबसे ज्यादा रोजा दक्षिण अफ्रीका में होगा। यहां दिन बड़े होते हैं। वहीं, भारत में रोजे का समय 12 घंटे और 52 मिनट तक रहने वाला है।
दुनिया में सबसे छोटे रोज़े वाले देश
फिनलैंड: यहां रोजे की अवधि सबसे कम, लगभग 11 घंटे 53 मिनट रहने का अनुमान है।
आइसलैंड और फ्रांस: इन क्षेत्रों में भी रोज़े की अवधि लगभग 11 से 12 घंटे के बीच रहने की संभावना है।
दक्षिण अफ्रीका: यहां के कुछ हिस्सों में रोज़े की अवधि लगभग 11-12 घंटे के आसपास देखी जा सकती है।
चिली और अर्जेंटीना: दक्षिणी गोलार्ध के इन देशों में रोज़ा लगभग 12 घंटे का हो सकता है।
खाड़ी देश: सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में रोज़े की अवधि लगभग 12 घंटे 42 मिनट से 13 घंटे के बीच है, जो पिछले सालों की तुलना में कम है।
भारत में स्थिति
भारत में औसत रोज़ा लगभग 12 घंटे 52 मिनट का है, जो दुनिया के कई उत्तरी देशों की तुलना में काफी संतुलित है।