आरटीई के दाखिलों में फर्जीवाड़े का आरोप, 55 प्रतिशत फार्म निरस्त

Update: 2024-04-02 08:15 GMT

गाजियाबाद। गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने आरटीई के दाखिलों में जिला बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा फर्जीवाड़े करने का आरोप लगाया है। जिसकी बड़े स्तर पर जांच के लिये प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव,महानिदेशक स्कूल शिक्षा सहित तमाम शासकीय अधिकारियों को छह पेज का खुला पत्र लिखा गया है। शिक्षा विभाग द्वारा आरटीई के दाखिलों में धांधली का दावा किया गया है। 

गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा त्यागी ने बताया कि जीपीए टीम ने आरटीई की प्रथम लिस्ट का लगभग 15 दिन तक गहन जांच की जिसमें विभाग द्वारा की जा रही भारी गड़बड़ी निकलकर सामने आई है। जिसके कारण आरटीई के हजारों गरीब बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित हो सकते है। उन्होंने कहा कि अगर यह फर्जीवाड़ा प्रदेश स्तर पर हुआ तो इसकी संख्या लाखों में हो सकती है। उनके द्वारा दावा किया गया कि जब प्रथम चरण की सूची की गहनता से जांच की तो पाया की आरटीई की प्रथम चरण के लिये दुर्बल वर्ग एवं अलाभित समूह के अभिभावकों ने अपने बच्चों के दाखिले के लिये बड़ी संख्या में फार्म भरे हैं। 

55 प्रतिशत फार्म निरस्त

हालांकि सीमा त्यागी का का कहना है कि इसके लिए विभाग द्वारा कोई जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया था। उसके बाद भी विभाग के अंतर्गत संबंधित अधिकारियों द्वारा जांच प्रक्रिया के दौरान लगभग 55 प्रतिशत से ज्यादा बच्चों के फार्म को कुछ न कुछ कमी निकालकर निरस्त कर दिए गए। जिससे प्रतीत होता है कि जिला बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अधिकारियों की मंशा बच्चों को चयनित करने से ज्यादा फार्म निरस्त करने में है जबकि ऑनलाइन फार्म में पेरेंट्स के मोबाइल नंबर समेत संपूर्ण जानकारी उपलब्ध होती है।

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