बेटी ने ट्रांसप्लांट के लिए अपने लीवर का एक हिस्सा दिया, पत्नी ने दी किडनी

Update: 2024-04-03 07:28 GMT

- मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने कंबाइंड ऑर्गन ट्रांसप्लांट कर मरीज की बचाई जान

गाजियाबाद। मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, वैशाली के डॉक्टरों ने उज्बेकिस्तान के 46 वर्षीय गंभीर रूप से बीमार मरीज की जान बचाने के लिए 16 घंटे की मैराथन सर्जरी की। अविश्वसनीय सटीकता और टीम वर्क के साथ उन्होंने लिवर और किडनी का ट्रांसप्लांट किया जिसमें मरीज की पत्नी और बेटी से यह अंग निकाले गए। संयुक्त अंग ट्रांसप्लांट दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण कार्य होता है।

मरीज को बार-बार होने वाली पेट में पानी की शिकायत के साथ अस्पताल में लाया गया। मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली के डॉक्टरों को जांच में पता चला कि मरीज को लिवर सिरोसिस के साथ-साथ उसकी किडनी भी काम नहीं कर रहा है। मरीज एडवांस किडनी फेल्योर से पीड़ित था और उसकी दोनों किडनी एक साथ मिलाकर,सामान्य से 20 प्रतिशत से कम काम कर रही थी।

मरीज अखरोर्जाेन खैदारोव पहले से ही अपने लिवर की स्थिति के बारे में जानता था लेकिन जब उन्हें अपनी किडनी की विफलता के बारे में पता चला तो वह काफी चिंतित हो गए। हालांकि हमने उनकी काउंसलिंग की और उन्हें संयुक्त लीवर और किडनी प्रत्यारोपण की संभावना के बारे में बताया। मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली की नेफ्रोलॉजी की प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. नीरू अग्रवाल ने कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट से लिवर ट्रांसप्लांट के बेहतर कामकाज में भी योगदान मिलने की संभावना है और इससे उनकी जान बच जाएगी।

अंगों के संयुक्त ट्रांसप्लांट के बारे में विवरण साझा करते हुए डॉ. सुभाष गुप्ता (चेयरमैन, लिवर और पित्त विज्ञान केंद्र), डॉ. अनंत कुमार (चेयरमैन- यूरोलॉजी, किडनी ट्रांसप्लांट और रोबोटिक्स), मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, वैशाली ने कहा कि परंपरागत रूप से ऐसे मामलों में अलग-अलग मामले शामिल होते हैं। हालांकि मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली की मेडिकल टीम ने ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता और नवीनता का प्रदर्शन करते हुए एक ही ऑपरेटिंग टेबल पर एक साथ सर्जरी का विकल्प चुना। लीवर और किडनी ट्रांसप्लांट विभागों की टीमों सहित कुल नौ उच्च कुशल डॉक्टरों ने सर्जरी को सफल बनाया।

मैक्स हॉस्पिटल,वैशाली के लिवर और पित्त विज्ञान के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. राजेश डे ने कहा कि सर्जरी के दौरान लंबे समय तक चलने और डायलिसिस के लिए तत्परता को देखते हुए सर्जरी ने डॉक्टरों के लिए कई चुनौतियां पेश की। साथ ही उन्होंने बताया कि मरीज को अब छुट्टी दे दी गई है और वह अपने देश वापस जाने के लिए तैयार है।

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