यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डबरकोट भूस्खलन क्षेत्र से निजात दिलाने के लिए वैकल्पिक मार्ग का निर्माण अधर में लटक गया है। ओजरी डबरकोट में भूस्खलन के कारण यमुनोत्री हाईवे तीन दिन से बंद है।
यमुनोत्री राजमार्ग पर ओजरी डबरकोट भूस्खलन क्षेत्र 2017 से सक्रिय है। उस समय भूस्खलन के कारण चारधाम यात्रा लगभग 52 दिनों तक बाधित रही थी, जिसके कारण धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ही धाम से सटे गीठ पट्टी के 12 गांवों के ग्रामीण यमुनोत्री धाम को मुसीबत का सामना करना पड़ा. 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने यहां गंगनानी कुंड के जातर में वैकल्पिक मार्ग बनाने की घोषणा की थी। कार्यदायी संस्था लोनिवि बड़कोट ने वैकल्पिक मोटर मार्ग के लिए करीब सात करोड़ की लागत की डीपीआर तैयार की थी, जिसके तहत यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डबरकोट में ओजरी तिरखाली स्यानाचट्टी तक करीब ढाई किमी वैकल्पिक माेटर सड़क का निर्माण किया जाना था। इसके लिए सर्वे के बाद ओजरी तिरखाली गांव के ग्रामीणों के लिए 64 लाख का मुआवजा स्वीकृत किया गया था, जिसमें से 32 लाख का आवंटन किया जा चुका है.
दोनों गांवों के बीच यमुना नदी पर 80 मीटर स्पान के मोटर पुल का निर्माण भी डीपीआर में प्रस्तावित है, लेकिन 2018-19 में काम आधा-अधूरा होने के बाद से मोटर मार्ग का निर्माण अधर में लटका हुआ है। ब्लॉक प्रमुख सरोज पंवार, पुरोहित महासभा के अध्यक्ष पुरूषोत्तम उनियाल, अजबीन पंवार, पवन उनियाल, राकेश रावत, भगत सिंह, चंद्र मोहन, आलम सिंह ने वैकल्पिक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने की मांग की है। इधर, लोनिवि के ईई मनोहर सिंह धर्मसक्तू का कहना है कि उक्त सड़क के बारे में उनके संज्ञान में कोई जानकारी नहीं है।