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आर्य समाज लाजपत नगर का 37वां दो दिवसीय वार्षिकोत्सव सौल्लास सम्पन्न! ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा- स्वर्ग एवं नर्क इसी धरती पर हैं...

Aryan
29 March 2026 8:09 PM IST
आर्य समाज लाजपत नगर का 37वां दो दिवसीय वार्षिकोत्सव सौल्लास सम्पन्न! ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा- स्वर्ग एवं नर्क इसी धरती पर हैं...
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मंच संचालक यशस्वी प्रधान जगवीर सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया


गाजियाबाद। आज यानी रविवार को आर्य समाज लाजपत नगर साहिबाबाद का 37 वां दो दिवसीय वार्षिकोत्सव कृष्ण कुमार यादव की अध्यक्षता में सौल्लास सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर डा विष्णुदत्त आर्य के ब्रह्मत्व में यज्ञ किया गया। वेदपाठ आचार्य सुनील शास्त्री ने किया। मुख्य यज्ञमान श्रीमती अमिता आर्या,देवेन्द्र आर्य, अल्का माहेश्वरी,राजीव माहेश्वरी, सविता सिंह,मनोज सिंह एवं कामिनी आर्या,ललित आर्य आदि रहे। उन्होंने यज्ञमानों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद एवं सफल जीवन की प्रार्थना प्रभु से की। डॉ देवशर्मा वेदालंकार ने कहा कि सन्ध्या की सही विधि से ओजस्वी,वर्चस्वी एवं शान्त बनते हैं। मेरठ से पधारे सुप्रसिद्ध भजनोपदेशक पण्डित अजय आर्य एवं साथी कलाकारों ने साज बाज पर ईश भक्ति एवं महर्षि दयानन्द सरस्वती का यशोगान गीतों के माध्यम से किया जिसे सुन कर श्रोता भाव विभोर हो गए।

मुख्य अतिथि ठाकुर विक्रम सिंह ने आयोजकों को दी बधाई

मुख्य अतिथि ठाकुर विक्रम सिंह (संस्थापक अध्यक्ष राष्ट्र निर्माण पार्टी) ने आयोजकों को सुन्दर आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि स्वर्ग ओर नर्क इसी धरती पर हैं। महायज्ञ के वातावरण को देख कर बोले यह वातावरण स्वर्ग का है, ऐसा ही वातावरण अपने घरों में बनाएं। प्राचीन काल में हमारे घर- घर ओर देश के कोने- कोने में ऋषि मुनियों द्वारा यज्ञ होता था तब तक देश धन धान्य से परिपूर्ण था,आज भी वैसा ही करें तो पूर्ववत्त हो सकता है। दुनिया में पाखंड बहुत चल रहा है उनसे बचें। स्वामी दयानंद की जागृति के कारण यह देश आजाद हुआ था संसार में जानने मानने की जरूरी बात ईश्वर है। इसके लिए विनम्र बनो,बुद्धि पूर्वक कार्य करो,विनम्रता के साथ- साथ राम और कृष्ण की तरह तेजस्वी भी बनना है।

आर्य समाज का सर्वांगीण विकास पर जोर

जिला आर्य सभा के मंत्री सत्यवीर चौधरी ने कहा कि आर्य समाज सर्वांगीण विकास की बात करता है। ऋषि दयानन्द ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक पद यात्राएं की ओर जाना कि हमारे लोग वेदों से विमुख हो गए हैं, जातिओं में बंट गए हैं जबकि हम सबकी मानव जाति है हमें वेदों की ओर लौटना होगा। एक देश एक भाषा पर उन्होंने कहा हिंदी पुरे राष्ट्र को एक सूत्र में पिरो सकती है।

शांति प्राप्त करने का बताया तरीका

मुख्य वक्ता डा देव शर्मा ने शांति कैसे प्राप्त करें? विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि ज्ञान मुद्रा में बैठकर ओ३म् का दो मिनट जप करने से शांति मिलेगी। उन्होंने वैदिक सन्ध्या के विषय में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की जिससे हम ओजस्वी,वर्चस्वी एवं शान्त बनेंगे।

इन वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे

सेवा सदन के मंत्री मंगल सिंह ने मिशन 125 स्वास्थ्य विषय पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि हम सांस,पानी ओर भोजन में बदलाव क़रके स्वस्थ रह सकते हैं। समारोह में डा वीरेन्द्र सिंह (एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट),ओम पाल शास्त्री,नरेन्द्र पांचाल,समारोह अध्यक्ष के के यादव आदि वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।

इस अवसर पर मुख्य रूप से सर्वश्री डा प्रमोद सक्सैना,सतीश आर्य, मास्टर विजेंद्र,प्रवीण चंद गुप्ता, सुरेश आर्य,प्रमोद चौधरी,सविता तेवतिया,कविता राठी,कुसुम लता, आशा मालिक,सुमन चौहान, लक्षमण सिंह चौहान एवं सुभाष शर्मा आदि अनेकों लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। वहीं, मंच संचालक यशस्वी प्रधान जगवीर सिंह ने सभी आगंतुकों का आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया।

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