
The Kerala Story: फिल्म क्यों है विवादों के घेरे में, जानिए क्या है कारण

The Kerala Story: फिल्म क्यों है विवादों के घेरे में, जानिए क्या है कारण
द केरला स्टोरी फिल्म को लेकर हो रहा विवाद
32 हजार हिंदू-ईसाई लड़कियों की कहानियों पर आधारित है फिल्म BJP कर रही है समर्थन और विपक्ष कर रहा बैन?
ब्रेन वॉश… हिजाब… धर्म परिवर्तन… मिशन और आतंक… ये सब उस कहानी के सिरे हैं, जिसकी चर्चा इन दिनों सबसे ज्यादा है और उसकी मंजिल हद से ज्यादा भयावह है, क्योंकि वह दुनिया का सबसे खूंखार आतंकवादी है। आतंकवादी संगठन ISIS की ओर जाता है। इस कहानी का नाम है द केरला स्टोरी… यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और पूरे देश में सबकी ज़ुबान पर चढ़ चुकी है। वॉट्सऐप पर भी इस फिल्म की खूब चर्चा हो रही है। अब तक जिसने भी इस फिल्म को देखा है उसके मन में कुछ सवाल जरूर उठे होंगे। क्या सच में केरल में हिंदू और ईसाई लड़कियों और महिलाओं को बनाया जाता था चारा? क्या ISIS में 32 हजार हिंदू और ईसाई लड़कियों की भर्ती की बात सच है? क्या सच में लोग अल्लाह का नाम लेने से डरते थे? क्या सच में लव जिहाद के बहाने मासूम बच्चियों को निर्दयी कातिल बनने पर मजबूर किया गया था? क्या द केरला स्टोरी की कहानी सच है..? अगर आपके मन में भी ऐसे ही सवाल परेशान कर रहे हैं तो इराक, सीरिया और अफगानिस्तान के रास्तों से गुजरने वाली यह रिपोर्ट खास आपके लिए तैयार की गई है।
द केरला स्टोरी फिल्म 5 मई को रिलीज हुई है। महज तीन दिनों में फिल्म ने करीब 20 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। फिल्म की टैगलाइन ना जमीन मिली, ना फलक मिला… सोचने पर मजबूर करती है कि इस जमीन पर ऐसी हैवानियत हुई है या हो रही है? आइए आपको आंकड़ों से रूबरू कराते हैं।
द केरला स्टोरी रिलीज होने के बाद से ही चर्चा में है। कोई इसे द कश्मीर फाइल्स की तरह हकीकत बयां करने वाली एक और फिल्म बता रहा है तो कोई इसे विवादित बता रहा है। आलम यह है कि इस फिल्म को लेकर अब राजनीति भी शुरू हो गई है। इस फिल्म को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि झारखंड और केरल जैसे राज्यों में इसे प्रतिबंधित करने की मांग की जा रही है… दावा किया गया है कि फिल्म से राज्य की छवि खराब हुई है। ऐसे में तय है कि द केरला स्टोरी साल की सबसे चर्चित फिल्म साबित हो सकती है। फिल्म में देश की हिंदू और ईसाई महिलाओं की पीड़ा को दिखाया गया है, जिनका पहले ब्रेनवॉश किया गया और जबरन इस्लाम कबूल कराया गया और बाद में ISIS आतंकवादी बना दिया गया। निर्देशक सुदीप्तो सेन द्वारा निर्देशित इस फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह हैं। वहीं फिल्म में अदा शर्मा, योगिता बिहानी, सोनिया बलानी और सिद्धि इडनानी ने अहम भूमिका निभाई है।
क्या है फिल्म की कहानी में
फिल्म द केरला स्टोरी की कहानी की बात करें तो इसमें उन हिंदू और ईसाई लड़कियों की सच्ची कहानी दिखाई गई है, जिन्हें इस्लाम के अनुयायियों ने लव जिहाद में फंसाया और बाद में इराक, सीरिया और अफगानिस्तान भेजकर ISIS आतंकवादी बना दिया। द केरला स्टोरी 5 मई को हिंदी, तमिल, तेलुगू और मलयालम भाषाओं में रिलीज होगी।
अब हम उस प्रश्न की ओर बढ़ते हैं जिसके लिए यह रिपोर्ट तैयार की गई है। क्या सच में द केरला स्टोरी की कहानी सच है? तो उत्तर है… हां। दरअसल, साल 2021 के दौरान एक इंटरव्यू में सुदीप्तो सेन ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी से बातचीत के आधार पर बताया था कि राज्य में 32 हजार हिंदू और ईसाई लड़कियों का जबरन धर्मांतरण कराया गया। ओमन चांडी ने बताया था कि केरल में हर साल 2800 से 3200 लड़कियां इस्लाम अपना रही हैं। पिछले 10 साल में यह आंकड़ा 32 हजार को पार कर गया है। फैक्ट चेक के दौरान कई चैनलों ने इस आंकड़े को फर्जी बताया थाए लेकिन जब अफगानिस्तान में दोबारा तालिबान का शासन स्थापित हुआ तो वहां की जेल में चार भारतीय महिलाएं कैद मिलीं। जांच में पता चला कि इन चारों महिलाओं को ISIS में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान भेजा गया था। चारों महिलाएं ISIS में शामिल होने के लिए अपने पतियों के साथ खुरासान प्रांत आई.एस.केपी गई थीं। हालाँकि उनके रिश्तेदारों ने भारत सरकार से अनुरोध किया था कि उनकी बेटियों को आज़ाद कर दिया जाए और उन्हें भारत लाया जाए। लेकिन सरकार ने इसकी इजाजत नहीं दी, जिसके बाद उन्हें अफगानिस्तान की जेल से रिहा कर दिया गया।
फिल्म द केरला स्टोरी के विषय के साथ.साथ संवाद भी विवादों के दायरे में हैं। दरअसल, फिल्म में कई ऐसे डायलॉग हैं जिन पर आपत्ति जताई जा रही है इनमें लड़कियों को अपने करीब लाने, परिवार से अलग करने, शारीरिक संबंध बनाने और यहां तक कि गर्भवती होने तक का जिक्र है। ये सभी काम ISIS के मिशन के लिए किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अब तक की रिपोर्ट्स से यह तो तय है कि इस फिल्म को हकीकत के इर्द.गिर्द बनाया गया है, लेकिन इतना तय है कि द केरला स्टोरी की आगे की राह इतनी आसान भी नहीं है।
Trinath Mishra
Trinath Mishra is a senior journalist from Meerut and he has more than 11 years of Print and Digital Media Experience.




