कोर्ट ने कहा कि NAT एक महंगी प्रक्रिया है। इसे अनिवार्य बनाने से उन राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा जो पहले से ही वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं।