यह एक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक स्थिति है जिसे समाज में अक्सर 'दो नावों की सवारी' या 'दोराहे' के रूप में देखा जाता है। मनोवैज्ञानिकों और समाजशास्त्रियों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण हो सकते...