धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक सम्मेलन के दौरान कहा था कि जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया उस दिन न तो शर्मा बचेंगे न वर्मा बचेंगे, न क्षत्रिय बचेंगे न, रविदास वाले बचेंगे और न तुलसीदास वाले बचेंगे यानी...