पीठ ने स्पष्ट किया कि संस्थागत परिसरों में आवारा कुत्तों की मौजूदगी और नगर निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी जैसे पहलुओं पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है।