उन्होंने दिल्ली की बिगड़ती हवा को “पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी” घोषित करते हुए कहा कि मौजूदा हालात किसी आकस्मिक घटना का परिणाम नहीं, बल्कि दशकों की प्रशासनिक असफलता और समन्वय की कमी का नतीजा हैं।