पेरियासामी ने मीडिया से कहा कि सत्ता में हिस्सेदारी की मांग करना तमिलनाडु कांग्रेस का अधिकार है। लेकिन डीएमके कभी इस तरह की मांग के पक्ष में नहीं रही है।