नई दिल्ली। वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड (सर्ग 35) के अनुसार, जब हनुमान जी लंका में माता सीता से मिले, तो उन्होंने प्रभु श्री राम के दिव्य और अलौकिक स्वरूप का विस्तार से वर्णन किया। हनुमान जी ने...