देश में डिजिटल पेमेंट का बड़ा हिस्सा अब यूपीआई पर टिका हुआ है। कुल मिलाकर डिजिटल लेनदेन का लगभग 85 फीसदी हिस्सा यूपीआई के माध्यम से किया जा रहा है।