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उन्हें अपमानित करने के लिए लाया गया 20 साल पुराना मुद्दा... शंकराचार्य के खिलाफ FIR को लेकर अखिलेश यादव ने दी प्रतिक्रिया!

लखनऊ। शंकराचार्य पर यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी सरकार शंकराचार्य को अपमानित करने की ठान ली है, इसलिए 20 साल पुराने मामले को तूल दे रही है। ऐसा पहली बार हुआ है जब शंकराचार्य को माघ मेले में गंगा स्नान करने से रोका गया। दरअसल अखिलेश यादव आज यानी रविवार को सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शंकराचार्य पर लगे यौन शोषण के मामले में हाईकोर्ट की ओर से एफआईआर दर्ज कराने के आदेश को लेकर यह बयान दिया।
हमारे सनातनी व्यवस्था में पहली बार किसी शंकराचार्य को स्नान करने से रोका गया
अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे, उस समय ठंड भी अधिक थी। हमारे सनातनी व्यवस्था में कभी किसी शंकराचार्य को स्नान करने से रोका नहीं गया होगा, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि उन्हें स्नान से भी रोका गया। वहीं, अब योगी सरकार शंकराचार्य को अपमानित करने के लिए 20 साल पुराना मामला खोज कर लाई है। अगर यह(शिकायतकर्ता) उनका(रामभद्रचार्य) शिष्य है तो मुझसे गलती हुई है कि मैंने कभी रामभद्रचार्य पर जो मुकदमा था वह वापस लिया था, मुझे उन्हें जेल भेज देना चाहिए था। विचारों को लेकर झगड़े हो जाते हैं लेकिन आप इस स्तर तक चले जाएंगे कि आप ऐसे आरोप लगवाएंगे... इसलिए मैं कह रहा हूं कि यह सरकार अब बचने वाली नहीं है।
बीजेपी प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है
अखिलेश यादव ने गंभीर बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के पहले भाजपा के लोग प्रदेश का माहौल खराब कर रहे हैं। हमने पहले भी देखा है कि इनके लोगों ने समाज में तनाव फैलाने के लिए मंदिर में मांस फेंकने की घटना को अंजाम दिया था। जांच करने के बाद भाजपा के 18 कार्यकर्ता एक साल जेल में रहे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भाजपा के लोग जानबूझकर ऐसे वीडियो डालते हैं जिससे कि समाज में तनाव फैले। उन्होंने सभी को भाजपा के लोगों से सावधान रहने की अपील की।




