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नव वर्ष 2026 का भक्तिमय आगाज: महाकाल से काशी-मथुरा तक उमडे़ लोग, दर्शनार्थियों की लगी लंबी कतार

नई दिल्ली। वर्ष 2026 का भव्य आगाज देशभर में आध्यात्मिक और हर्षोल्लास के साथ हुआ है। नव वर्ष के अवसर पर महाकालेश्वर (उज्जैन) से लेकर काशी विश्वनाथ (वाराणसी) तक के मंदिरों में भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। धार्मिक स्थलों के साथ-साथ पर्यटन केंद्रों पर भी उत्सव का माहौल है। शिमला, मनाली और गोवा के प्रमुख समुद्र तटों पर पर्यटकों ने संगीत और आतिशबाजी के साथ 2026 का स्वागत किया। होटलों और रिजॉर्ट्स में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
उज्जैन (महाकालेश्वर): नए साल की पहली भस्म आरती में शामिल होने के लिए हजारों श्रद्धालु रात से ही कतारों में खड़े रहे। 'जय श्री महाकाल' के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।
वाराणसी (काशी विश्वनाथ): काशी के घाटों और विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के बाद दर्शन-पूजन किया। नमो घाट और दशाश्वमेध घाट पर सुबह की आरती विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
मथुरा: बांके बिहारी मंदिर में रिकॉर्ड भीड़ श्री बांके बिहारी मंदिर, मथुरा में लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से 5 जनवरी तक दर्शन के लिए न आने की अपील की है।
सीकर: खाटूश्यामजी में 72 घंटे लगातार दर्शन राजस्थान के सीकर स्थित खाटूश्यामजी मंदिर में नए साल पर 72 घंटे तक लगातार दर्शन की व्यवस्था की गई है। यहां देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
अमृतसर
पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने मत्था टेका। पंजाब के अमृतसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्वर्ण मंदिर पहुंचे, जहाँ उन्होंने 2026 का स्वागत किया और माथा टेका, जिससे धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल बना।
प्रयागराज में नववर्ष 2026 का आगाज
प्रयागराज में बड़े हनुमानजी मंदिर में नववर्ष की शुरुआत विशेष आरती और मंत्रोच्चार से हुई, जिसमें 11 ब्राह्मणों ने डमरू बजाया, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। मंदिर को रंग-बिरंगे फूलों और लाइटों से सजाया गया था, और भगवान हनुमानजी का भव्य श्रृंगार किया गया।




