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लड़कियों का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल से बेचने तक के धंधा का खुलासा! दिल्ली का नाम मामी, मुंबई का मौसी रखकर चल रहा था खेल

Aryan
23 Feb 2026 3:41 PM IST
लड़कियों का अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल से बेचने तक के धंधा का खुलासा! दिल्ली का नाम मामी, मुंबई का मौसी रखकर चल रहा था खेल
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रक्सौल डीएसपी ने जानकारी दी कि तस्कर सोशल मीडिया और प्रेम प्रसंग का सहारा लेते हैं। पहले भोली-भाली लड़कियों को फंसाया जाता है, फिर उनका अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है

पटना। बिहार में भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल बॉर्डर इन दिनों मानव तस्करी के लिए सबसे चर्चित है। दरअसल मासूम बेटियों को वेश्यावृत्ति से लेकर अंगों के अवैध धंधे तक धकेलने वाले एक अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक, इस सिंडिकेट का मकसद एक साल में 400 करोड़ रुपये कमाना था। बता दें कि यह खुलासा तब हुआ जब तस्करों के WhatsApp चैट लीक हुए, इस वाक्ये से सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान हैं।

400 करोड़ भी चाहिए और वीडियो भी नहीं भेज रहा

दरअसल लीक हुए चैटिंग स्क्रीनशॉट में लिखा था कि 400 करोड़ भी चाहिए और वीडियो भी नहीं भेज रहा है। इस तरह के कई चैट सामने आए हैं। इससे पता चल रहा कि जब कोई एजेंट किसी लड़की को प्रेमजाल या नौकरी के झांसे में फंसाता है, तो उसके हेड के पास एक खास फॉर्मेट में बायोडाटा भेजा जाता है। लड़की का नाम, उम्र, वजन और लंबाई के साथ-साथ उसके शरीर पर किसी कटे या मस्से के निशान की जानकारी भी दी जाती है।

मालिक ने एजेंट को लड़की के शरीर को मापने का दिया निर्देश

चैट में मालिक ने अपने एजेंट को लड़की के शरीर को इंच-टेप से नापने के निर्देश देता है। यहां तक कि लड़की के पीरियड्स की तारीख का भी ब्यौरा दिया जाता है। इस काम के लिए एजेंट को 50,000 से 1,00,000 रुपये तक मालिक देता है।

गैंग लीडर्स के नाम रिश्तों के आधार पर रखे गए हैं

पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए यह सिंडिकेट कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता है। सभी शहरों के गैंग लीडर्स के नाम रिश्तों के आधार पर रखे गए हैं। दिल्ली के लिए मामी, मुंबई के लिए मौसी, हैदराबाद के लिए बुआ और लुधियाना के लिए दीदी कोडवर्ड रखा गया।

सोशल मीडिया का सहारा लेकर फंसाते हैं जाल में

रक्सौल डीएसपी ने जानकारी दी कि तस्कर सोशल मीडिया और प्रेम प्रसंग का सहारा लेते हैं। पहले भोली-भाली लड़कियों को फंसाया जाता है, फिर उनका अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता है। उसके बाद उन्हें अच्छी नौकरी अथवा शादी का झांसा देकर बॉर्डर पार या बड़े शहरों में बेच दिया जाता है।


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