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आदिशक्ति का ऐसा मंदिर जहां उनकी पूजा मां शारदा के रूप में होती है, जानें कहां है यह स्थित

मैहर वाली माता
मैहर वाली माता रानी मां शारदा देवी का ही रुप हैं। मैहर वाली को मां शारदा, मां सरस्वती और महामाया का स्वरूप माना जाता है। मां ज्ञान, बुद्धि, विद्या, संगीत और साधना की अधिष्ठात्री देवी हैं। मां शारदा को आदिशक्ति का अंश माना जाता है। सरस्वती पूजा के दिन आदिशक्ति की विशेष पूजा होती है।
मां शारदा का प्राकट्य
ऐसी मान्यता है कि मां सती के शरीर के अंग जब पृथ्वी पर गिरे तब मां सती का हार या गले का आभूषण मैहर में गिरा। इसी कारण यह स्थान शक्ति पीठ माना जाता है।
लोककथा
लोककथा के अनुसार वीर आल्हा मां शारदा के परम भक्त थे। कहा जाता है कि मां ने आल्हा को अमरत्व का वरदान दिया और आज भी वे मां की सेवा में लीन हैं। इसी कारण आज भी रात में मंदिर के कपाट बंद नहीं किए जाते और मां के लिए श्रृंगार, भोजन आदि रखा जाता है।
मैहर धाम का स्थान
मैहर, जिला सतना, मध्य प्रदेश
पहाड़ी की ऊंचाई: लगभग 600 फीट
सीढ़ियां: लगभग 1063
वर्तमान में रोपवे (केबल कार) की सुविधा भी उपलब्ध है।
मंदिर की विशेषताएं
मंदिर पहाड़ी पर स्थित है।
मां की प्रतिमा सरल, सौम्य और तेजस्वी है।
मां के हाथों में वीणा और पुस्तक है।
मंदिर में अखंड ज्योति प्रज्वलित रहती है।
तानसेन और मां शारदा
महान संगीत सम्राट तानसेन मां शारदा के भक्त थे। ऐसा कहा जाता है कि उन्हें संगीत की सिद्धि मां की कृपा से प्राप्त हुई। आज भी संगीत साधक मां शारदा को अपना आराध्य मानते हैं।
नवरात्रि का महत्व
चैत्र और शारदीय नवरात्रि में विशाल मेला लगता है। लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन हेतु आते हैं।
विशेष पूजन, हवन और भंडारे होते हैं
मां की कृपा
भक्तों की मान्यता है कि मां शारदा शिक्षा में सफलता देती हैं। मानसिक शांति प्रदान करती हैं। रोग, भय और संकट दूर करती हैं। सच्चे भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण करती हैं।
मंत्र
“ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः”
इस मंत्र का नियमित जाप करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है।
जयकारा
यहां भक्तजन इस प्रकार से जयकारा लगाते हैं, मैहर वाली माता रानी की जय! शारदा मैया की जय! सच्चे दरबार की जय!




