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'जन नायकन' रिलीज पर गहमागहमी का माहौल, मद्रास हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा फैसला

चेन्नई। थलपित विजय की आखिरी फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज पर आज यानी मंगलवार को मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी अरुल मुरुगन की बेंच ने 3 घंटे की लंबी सुनवाई के बाद कोई फैसला नहीं सुनाया, इस को आदेश सुरक्षित रखा है।
फिल्म 'जन नायकन' पर गहमागहमी का माहौल
मद्रास हाई कोर्ट में थलपति विजय की फिल्म 'जन नायकन' की रिलीज पर सुनवाई में गहमागहमी का माहौल है। आज यानी मंगलवार को सेंसर बोर्ड की ओर से पेश ASG ने कहा कि शुरुआती तौर पर फिल्म में 14 कट लगाने का फैसला था, अंतिम फैसला नहीं। वहीं मेकर्स से कहा गया कि वह 500 करोड़ का बजट बताकर राहत नहीं मांग सकते।
फिल्म को यूए प्रमाणपत्र देने का दिया गया था निर्देश
बता दें कि मद्रास उच्च न्यायालय ने सीबीएफसी द्वारा दायर अपील पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसमें एकल न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें 'जन नायकन' फिल्म को यूए प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया था।
फिल्म की सुनवाई देर से होने के कारण
कोर्ट ने कहा था कि ‘जन नायकन’ मामले की सुनवाई जल्दी नहीं की जा सकती है। दूसरे केसों की सुनवाई पहले होगी। दूसरे केसों को सुनने के बाद कोर्ट ने फिल्म ‘जन नायकन’ मामले को लेकर सुनवाई शुरू की। ‘जन नायकन’ केस की बात करें तो इसमें विजय की फिल्म के मेकर्स और सेंसर बोर्ड दोनों आमने-सामने हैं। इस केस की वजह से फिल्म ‘जन नायकन’ अधर में लटकी है। मद्रास हाईकोर्ट के एक वकील ने कहा कि आज जितने भी मामले सुनवाई की लिस्ट में हैं, उन सभी मामलों की सुनवाई हो सकती है।
मद्रास हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने आदेश पर लगाई थी रोक
दरअसल अभिनेता विजय एक्टिंग छोड़कर राजनीति में कदम रख रहे हैं। ऐसे में उनकी आखिरी फिल्म 'जन नायकन' होने वाली थी, जो कि 9 जनवरी को रिलीज होनी थी। लेकिन इसे सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला था। ऐसे में फिल्म निर्माताओं ने मद्रास हाई कोर्ट का रुख किया। 9 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट के एक सिंगल जज की बेंच ने सेंसर बोर्ड का आदेश दिया कि फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट दिया जाए। बाद में मद्रास हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी। ऐसे में ‘जन नायकन’ के निर्माताओं ने मद्रास हाई कोर्ट के अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई से इनकार दिया है।




