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125 साल बाद बुद्ध की धरोहर की वापसी! पीएम ने किया पवित्र पिपरहवा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का शुभारंभ, बोले- भारत की धरोहर लौटी है...

Anjali Tyagi
3 Jan 2026 1:49 PM IST
125 साल बाद बुद्ध की धरोहर की वापसी! पीएम ने किया पवित्र पिपरहवा अवशेषों की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का शुभारंभ, बोले- भारत की धरोहर लौटी है...
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। बता दें कि इस अवसर पर पीएम ने वैश्विक एकता का संदेश दिया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, सवा सौ साल के इंतजार के बाद भारत की विरासत लौटी है, भारत की धरोहर लौटी है।

क्या बोले पीएम मोदी

उन्होंने कहा, भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष को अपने बीच पाकर हम सभी धन्य हैं। इनका भारत से बाहर जाना और लौटकर फिर भारत आना। ये दोनों ही पड़ाव अपने-आप में बहुत बड़ा सबक है। सबक ये है कि गुलामी कोई राजनीतिक और आर्थिक नहीं होती, गुलामी हमारी विरासत को भी तबाह कर देती है। भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष के साथ भी यही हुआ। गुलामी के कालखंड में इन्हें भारत से छीना गया। तब से करीब सवा सौ साल तक ये देश से बाहर ही रहे हैं। इसलिए उन्होंने इन पवित्र अवशेषों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीलाम करने का प्रयास किया। भारत के लिए तो भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष हमारे आराध्य का ही एक अंश है, हमारी सभ्यता का अभिन्न अंग है।

भगवान बुद्ध सबके हैं, सबको जोड़ते हैं- पीएम

प्रधानमंत्री ने कहा, भगवान बुद्ध सबके हैं, सबको जोड़ते हैं। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली समझता हूं, क्योंकि भगवान बुद्ध का मेरे जीवन में बहुत ही गहरा स्थान रहा है। मेरा जन्म जिस वडनगर में हुआ, वो बौद्ध शिक्षा का बहुत बड़ा केंद्र था। जिस भूमि पर भगवान बुद्ध ने प्रथम उपदेश दिए, वो सारनाथ आज मेरी कर्मभूमि है। भारत केवल भगवान बुद्ध के पावन अवशेषों का संरक्षक नहीं है, बल्कि उनकी परंपरा का जीवंत वाहक भी है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेष बुद्ध के संदेश की जीवित उपस्थिति है। उन्होंने कहा, भगवान बुद्ध का ज्ञान, उनका दिखाया मार्ग पूरी मानवता का है। यह भाव हमने बीते कुछ महीनों में बार-बार अनुभव किया। बीते कुछ महीनों में भगवान बुद्ध के पावन अवशेष जिस भी देश में गए, वहां आस्था और श्रद्धा का ज्वार उमड़ आया।

क्या हैं पिपरहवा अवशेष?

पिपरहवा अवशेष भगवान बुद्ध से जुड़ी पवित्र और ऐतिहासिक वस्तुएं हैं। ये उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के पिपरहवा क्षेत्र में खुदाई के दौरान मिले थे। मान्यता है कि इनमें भगवान बुद्ध की अस्थियां (धातु अवशेष) और उनसे जुड़ी प्राचीन वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें उनके महापरिनिर्वाण के बाद अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षित रखा गया था।

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