Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

आखिर नवरात्रि का आठवां दिन क्यों होता है सबसे खास, जानें इस तिथि का महत्व?

Anjali Tyagi
15 March 2026 8:00 AM IST
आखिर नवरात्रि का आठवां दिन क्यों होता है सबसे खास, जानें इस तिथि का महत्व?
x

नई दिल्ली। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि बहुत विशेष मानी जाती है। नवरात्रि की अष्टमी (महाअष्टमी) महागौरी की पूजा, चंड-मुंड वध की पौराणिक कथा और कन्या पूजन के कारण विशेष है। यह दिन ऊर्जा, ज्ञान और शत्रुओं पर विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन महागौरी की आराधना से पाप और दुख दूर होते हैं, साथ ही कन्याओं को भोजन कराकर आशीर्वाद लिया जाता है।

नवरात्रि अष्टमी का विशेष महत्व

मां महागौरी की पूजा: अष्टमी तिथि को मां दुर्गा के आठवें स्वरूप 'मां महागौरी' की पूजा की जाती है, जो अत्यंत शांत, गोरी और सौम्य हैं। मान्यता है कि इनकी कृपा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

कन्या पूजन (कंजका): इस दिन 2 से 10 वर्ष की कन्याओं को माँ दुर्गा का रूप मानकर विशेष पूजा की जाती है, उनके पैर धोए जाते हैं और उन्हें भोजन (हलवा, पूरी, चने) कराकर उपहार दिए जाते हैं। यह अनुष्ठान घर में सुख-समृद्धि लाता है।

पौराणिक महत्व (चंड-मुंड वध): मान्यताओं के अनुसार, अष्टमी के दिन ही मां दुर्गा ने चंड और मुंड नामक राक्षसों का संहार किया था, जिसके बाद उन्हें 'चामुंडा' कहा गया।

संधि पूजा: अष्टमी के अंतिम 24 मिनट और नवमी के शुरुआती 24 मिनट का समय (संधि काल) अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस समय की गई पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

अध्यात्मिक शक्ति: अष्टमी को आध्यात्मिक शक्ति और ऊर्जा की वृद्धि के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दिन उपवास रखने से भक्तों को भय से मुक्ति और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।

महाअष्टमी के दिन क्या करें?

भक्त इस दिन महागौरी को नारियल, हलवा-पूरी और चुनरी अर्पित करते हैं। घर में 'दुर्गा सप्तशती' का पाठ किया जाता है और कन्या पूजन के बाद ही व्रत का पारण (उपवास तोड़ना) किया जाता है।

Next Story