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खामेनेई की मौत के बाद अलीरेजा अराफी को मिली ईरान की कमान, जानें कैसे चुना जाता है सुप्रीम लीडर

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच ईरान की सत्ता में भी परिवर्तन आया है। अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले के दौरान अली खामेनई की मौत हो गई। इसके बाद देश के नेतृत्व में खास परिवर्तन किया गया। इस बीच वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को ईरान का नया अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है।
खामेनई की मौत के बाद सत्ता में हुआ परिवर्तन
दरअसल बीती रात अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई सैन्य और सरकारी ठिकानों पर बड़ा हमला किया। इस अभियान में शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व से जुड़े स्थानों को निशाना बनाया गया। इस दौरान ही 86 वर्षीय अली खामेनई की मौत हो गई। इसके बाद संवैधानिक प्रक्रिया के तहत अंतरिम नेतृत्व व्यवस्था लागू की गई।
यह भूमिका होगी अलीरेजा अराफी की
अयातुल्ला अलीरेजा अराफी ईरान के वरिष्ठ धार्मिक नेता माने जाते हैं। उन्हें अंतरिम नेतृत्व परिषद में न्यायविद सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। यही परिषद अब सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारियां संभालेगी। अराफी फिलहाल देश के सर्वोच्च धार्मिक और राजनीतिक पद की जिम्मेदारी निभाएंगे। वो शासन व्यवस्था को स्थिर रखने में अहम भूमिका निभाएंगे।
इस तरह से काम करेगी ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद
ईरान के संविधान के मुताबिक, सुप्रीम लीडर की मृत्यु के बाद अंतरिम परिषद बनाई जाती है।
गार्जियन काउंसिल का एक वरिष्ठ धर्मगुरु परिषद में शामिल रहता है।
इस परिषद में राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी शामिल हैं।
मुख्य न्यायाधीश गुलाम-हुसैन मोहसनी एजई भी इसका हिस्सा हैं।
गौरतलब है कि ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इसे ईरान और दुनिया के लिए बड़ा बदलाव बताया। दूसरी ओर ईरान अब बाहरी सैन्य दबाव और अंदरूनी राजनीतिक संक्रमण दोनों से जूझ रहा है। विशेषज्ञों की राय में यह बदलाव केवल ईरान ही नहीं बल्कि पूरे पश्चिम एशिया की राजनीति को असंतुलित कर सकता है।




