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अमेरिका का वेनेजुएला पर हमले के बाद अब इस देश को सताया कब्जे का डर! जानें अब ग्रीनलैंड का क्या होगा

Shilpi Narayan
4 Jan 2026 10:20 PM IST
अमेरिका का वेनेजुएला पर हमले के बाद अब इस देश को सताया कब्जे का डर! जानें अब ग्रीनलैंड का क्या होगा
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नई दिल्ली। वेनेजुएला पर अमेरिका के हमले के बाद कई देशों को अब ट्रंप का डर सता रहा है। साथ ही अमेरिका के सैनिक द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद अब ग्रीनलैंड को लेकर नई चिंताएं सामने आ रही हैं। इस हमले के तुरंत बाद अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों ने ग्रीनलैंड को लेकर बयान देने शुरू कर दिए। इससे यह डर बढ़ गया है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है।

केटी मिलर डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी

वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद एक दक्षिणपंथी पॉडकास्टर केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर ग्रीनलैंड का एक नक्शा शेयर किया। जिस पर अमेरिकी झंडा बना हुआ था और नीचे लिखा था- SOON यानी जल्द। केटी मिलर डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और उनके डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी हैं। इस पोस्ट के बाद डेनमार्क और ग्रीनलैंड में नाराजगी देखने को मिली। हालांकि देखना ये भी होगा ट्रंप अगला क्या कदम उठाते हैं।

अमेरिका और डेनमार्क पुराने और भरोसेमंद सहयोगी

बता दें कि डेनमार्क के अमेरिका में राजदूत जेस्पर मोलर सोरेनसन ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और डेनमार्क पुराने और भरोसेमंद सहयोगी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देश मिलकर आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए काम करते हैं। उनका कहना था कि अमेरिका की सुरक्षा ग्रीनलैंड और डेनमार्क की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।

नॉर्थ अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत

उन्होंने यह भी बताया कि डेनमार्क ने 2025 में अपना रक्षा बजट बढ़ाकर करीब 13.7 अरब डॉलर कर दिया है, ताकि आर्कटिक और नॉर्थ अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा मजबूत की जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी साफ किया कि डेनमार्क अपनी क्षेत्रीय सीमाओं और संप्रभुता के पूरे सम्मान की उम्मीद करता है।

अमेरिका का विशेष दूत नियुक्त

डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में लुइसियाना के गवर्नर जेफ लैंड्री को ग्रीनलैंड के लिए अमेरिका का विशेष दूत नियुक्त किया है। लैंड्री ने दिसंबर में इस नियुक्ति पर ट्रंप का धन्यवाद करते हुए कहा था कि ग्रीनलैंड को अमेरिका का हिस्सा बनाना उनके लिए सम्मान की बात होगी। उन्होंने वेनेजुएला में मादुरो सरकार को हटाने की अमेरिकी कार्रवाई का भी समर्थन किया और इसे ड्रग्स के खिलाफ अमेरिका की लड़ाई बताया। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही ग्रीनलैंड को लेकर उनके बयान यूरोपीय देशों को चिंता में डालते रहे हैं। ग्रीनलैंड को रणनीतिक रूप से बहुत अहम माना जाता है।

अमेरिका को ग्रीनलैंड की बहुत जरूरत

डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि वह ग्रीनलैंड पर कब्जे के लिए सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं करते। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अमेरिका को ग्रीनलैंड की बहुत जरूरत है। इन बयानों के बाद डेनमार्क की खुफिया एजेंसी ने अमेरिका को सुरक्षा जोखिम तक बता दिया, जो अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

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