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अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR पर अखिलेश यादव ने खुलकर दिया साथ! बोले-शंकराचार्य को अपमानित करने की एक सोची-समझी साजिश

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज हुई FIR को लेकर उनके समर्थन में कड़ा रुख अपनाया है। अखिलेश यादव ने इसे शंकराचार्य को अपमानित करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि 20 साल पुराने मामले में अब अचानक FIR दर्ज करना सरकार की दुर्भावना को दर्शाता है।
शंकराचार्य के साथ ऐसा अन्याय होना दुखद
उन्होंने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि "भगवाधारी" मुख्यमंत्री के शासन में एक पूजनीय शंकराचार्य के साथ ऐसा अन्याय होना दुखद है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सनातन धर्म की मर्यादा का अपमान कर रही है। वहीं अखिलेश ने याद दिलाया कि इससे पहले माघ मेले के दौरान भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गंगा स्नान करने से रोका गया था, जिसे उन्होंने परंपराओं के खिलाफ बताया था।
जगद्गुरु रामभद्राचार्य पर टिप्पणी
उन्होंने इस मामले के शिकायतकर्ता (आशुतोष ब्रह्मचारी) के गुरु जगद्गुरु रामभद्राचार्य का नाम लेते हुए भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
मामला क्या है?
प्रयागराज की एक विशेष पॉक्सो (POCSO) कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ नाबालिगों के यौन शोषण के आरोपों वाली एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। शंकराचार्य ने इन सभी आरोपों को निराधार और मनगढ़ंत बताया है।




