Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

अमेरिका-भारत ट्रेड डील का ऐलान! जानें टैरिफ में कमी से किन सेक्टरों को मिलेगा मुनाफा...

Aryan
3 Feb 2026 10:58 AM IST
अमेरिका-भारत ट्रेड डील का ऐलान! जानें टैरिफ में कमी से किन सेक्टरों को मिलेगा मुनाफा...
x
ट्रंप ने भारतीय सामान पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है।

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान हो गया है। इस समझौते के मुताबिक ट्रंप ने भारतीय सामान पर टैरिफ 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है। कंपनियों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है, विशेष कर लेदर बनाने वाली कंपनियों के लिए। दरअसल कुछ महीनों से कई छोटी भारतीय कंपनियों ने अमेरिका को निर्यात करना बंद कर दिया था, जबकि बड़ी कंपनियां भारी छूट देते हुए किसी तरह अपना कारोबार करने में लगी थीं।

अतिरिक्त टैरिफ को हटाया जाएगा

डोनाल्ड ट्रंप ने इस डील की घोषणा करते हुए कहा कि भारत पर टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। इसके साथ ही भारत द्वारा रूसी तेल खरीदने की वजह से लगाया गया 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ भी हटाया जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी रूसी तेल की खरीद बंद करने के लिए सहमत हो गए हैं। जानकारी के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि इस डील में भारत और अमेरिका दोनों की चिंताओं का ध्यान रखा गया है।

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है

दरअसल अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार 131.84 अरब डॉलर का है। सबसे अहम बात यह है कि अमेरिका के साथ भारत ट्रेड सरप्लस की स्थिति में है। दोनों देश पिछले साल फरवरी से ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत कर रहे थे। लेकिन अब उन्होंने 2030 तक आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।

अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की मांग

ट्रेड डील के बाद अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान की मांग अधिक होगी। जैसे भारतीय गारमेंट्स पर अब 18 फीसदी टैरिफ लगेगा, जबकि बांग्लादेश और श्रीलंका पर यह 20 फीसदी है। इसी तरह भारतीय कारपेट को भी फायदा मिलेगा। 50 फीसदी टैरिफ के कारण भारतीय कारपेट को काफी मार्केट शेयर गंवाना पड़ा था, लेकिन अब यह तुर्की के कारपेट की तुलना में सस्ता पड़ेगा। इसी तरह अमेरिकी बाजार में एक बार फिर भारतीय झींगा भी सस्ता हो जाएगा। इसके अलावा रत्न और आभूषण निर्यात करने वाली कंपनियों को भी इस फैसले से राहत मिली है।


Next Story