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मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच सरकार ने दिया राहत! कहा-भारत में LPG-LNG की कोई कमी

नई दिल्ली। अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध की वजह से मीडिल ईस्ट में तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है। वहीं इस युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। ये जंग भारत के लिए भी चिंता का सबब बना हुआ है। इसी बीच भारत का बड़ा बयान सामने आया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, एनर्जी सिक्योरिटी में भारत बहुत अच्छी स्थिति में है। स्टॉक की मौजूदा स्थिति अच्छी है। स्टॉक हर दिन भरा जा रहा है। भारत में LPG या LNG की कोई कमी नहीं है, दुनिया में क्रूड ऑयल की कोई कमी नहीं है। हालांकि भारत दूसरे सप्लायर्स के भी संपर्क में है।
ऑस्ट्रेलिया और कनाडा दिया ऑफर
वहीं कहा गया कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने भी भारत को गैस बेचने का ऑफर दिया है। भारत दूसरे सोर्स भी ढूंढ रहा है। हाल ही में भारत ने UAE और US के साथ एक नया कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। भारत 195 MMSCMD गैस इंपोर्ट करता है, उसमें से कतर सिर्फ 60 MMSCMD सप्लाई करता है, भारत गैस खरीदने के लिए दूसरे मार्केट ढूंढ रहा है। भारत क्रूड और LPG खरीदने के लिए बड़े ऑयल प्रोड्यूसर्स और ट्रेडर्स से बात कर रहा है। भारत इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) और ऑर्गनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कंट्रीज (OPEC) से बात कर रहा है।
भारत जहाजों का इंश्योरेंस लेने के लिए USA से बात कर रहा है
भारत जहाजों का इंश्योरेंस लेने के लिए USA से बात कर रहा है। भारत दिन में दो बार एनर्जी की स्थिति का रिव्यू कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया था कि भारत के पास आंध्रप्रदेश और कर्नाटक में गुफाओं, रिफाइनरी और स्टोरेज सुविधा में कच्चे तेल की मात्रा इतनी है कि भारत की घरेलू मांगों को 74 दिन तक पूरा किया जा सकता है। वहीं एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कच्चे तेल का भंडार 25 दिन चल सकता है।
कतर से LNG की 40 फीसदी आपूर्ति
भारत करीब 2.7 करोड़ टन एलएनजी की 40 फीसदी आपूर्ति कतर से पूरी करता है। केंद्रीय मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, भारत दुनिया का पेट्रोलियम उत्पादों में तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश है और चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है। यही नहीं कहा गया कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल सहित प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार है।




