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इंडिया–EU ट्रेड डील पर बड़ा ऐलान! कार, शराब, केमिकल्स से लेकर मेडिकल उपकरण तक होंगे सस्ते

Shilpi Narayan
27 Jan 2026 12:59 PM IST
इंडिया–EU ट्रेड डील पर बड़ा ऐलान! कार, शराब, केमिकल्स से लेकर मेडिकल उपकरण तक होंगे सस्ते
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय संघ के नेताओं ने नई दिल्ली में ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिया। 18 साल के लंबे इंतजार के बाद हुए इस समझौते को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है, जो दुनिया की 25% जीडीपी का प्रतिनिधित्व करता है। इसके तहत भारत ने यूरोपीय रसायनों, विमानों और अंतरिक्ष यान से जुड़े करीब सभी प्रोडक्ट्स पर आयात शुल्क खत्म करने पर सहमति जताई है।

यूरोपीय कंपनियों को विशेष पहुंच प्रदान करता है

मेडिकल और सर्जिकल उपकरणों के 90% उत्पादों पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। सबसे बड़ा बदलाव आम उपभोक्ताओं के लिए होगा, क्योंकि यूरोपीय शराब (Wine), बीयर, स्पिरिट और जैतून के तेल (Olive Oil) पर लगने वाले भारी भरकम शुल्क में भारी कटौती की गई है। साथ ही यूरोपीय संघ अगले दो वर्षों में भारत को कार्बन उत्सर्जन कम करने और औद्योगिक परिवर्तन के लिए 500 मिलियन यूरो की सहायता राशि प्रदान करेगा। यह समझौता 2032 तक यूरोपीय निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखता है और वित्तीय एवं समुद्री सेवाओं में यूरोपीय कंपनियों को विशेष पहुंच प्रदान करता है।

शराब, बीयर और जैतून का तेल होगा सस्ता

इस समझौते के तहत यूरोपीय संघ से आने वाले कृषि-खाद्य उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे शुल्क को घटा दिया गया है। जैतून का तेल (Olive Oil), मार्जरीन और अन्य वनस्पति तेलों पर अब शून्य प्रतिशत शुल्क लगेगा। शराब (Wine) पर लगने वाला 150% टैक्स घटकर 20-30% के दायरे में आ जाएगा, जबकि बीयर पर शुल्क 110% से घटाकर 50% और स्पिरिट पर 40% कर दिया गया है। इससे भारतीय प्रीमियम अल्कोहल बाजार में प्रतिस्पर्धा और विविधता बढ़ेगी।

कारों और मशीनरी पर भी बड़ी राहत

यूरोपीय कारों के लिए भारत ने सालाना 2,50,000 वाहनों के कोटा के साथ आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से घटाकर 10% तक लाने का फैसला किया है। मशीनरी पर लगने वाला 44% तक का टैक्स और रसायनों पर 22% टैक्स भी अब करीब खत्म हो जाएगा। विमान और अंतरिक्ष यान से जुड़े लगभग सभी उत्पादों पर से टैरिफ हटा दिया गया है, जो भारत के एविएशन सेक्टर के लिए बड़ी खुशखबरी है।

ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण के लिए 500 मिलियन यूरो

व्यापार के अलावा, यह समझौता जलवायु परिवर्तन की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। यूरोपीय संघ अगले दो वर्षों के भीतर भारत को 500 मिलियन यूरो (लगभग 4,500 करोड़ रुपये) की सहायता देगा। यह फंड भारत के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और पर्यावरण के अनुकूल औद्योगिक विकास को रफ्तार देने में खर्च किया जाएगा। इसके लिए 2026 की पहली छमाही में एक विशेष 'क्लाइमेट एक्शन प्लेटफॉर्म' भी लॉन्च किया जाएगा।

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