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BIHAR: मां-बेटे ने नीतीश सरकार पर बोला हमला! कहा- हर जिले में बच्चियों के साथ रोज हो रहा है रेप, कहां है Law And Order

पटना। बिहार विधान मंडल में विपक्ष लगातार सरकार पर हमलावर है। कई मुद्दों को लेकर विपक्ष नीतीश सरकार पर सवाल उठा रहा है। विधान परिषद् में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी ने बिहार में बच्चियों के साथ हो रहे दुष्कर्म का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार में छोटी-छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना हो रही है। इनकी हत्या हो रही है। हर जिले में दुष्कर्म की घटना रोज हो रही है। सरकार इस पर क्या कार्रवाई कर रही है? उन्होंने कहा कि केवल फरवरी माह में 35 से अधिक दुष्कर्म के मामले हुए हैं।
बेटियों का काल बनी नीतीश-भाजपा सरकार
हालांकि तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार पर तीखा वार किया है। उन्होंने बिहार की बेटियों का काल बनी नीतीश-भाजपा सरकार। पटना जिले के मसौढ़ी थाना क्षेत्र की कोमल कुमारी दसवीं की छात्रा थी। मां बाप की उम्मीद और सुनहरे भविष्य की आशा। 10वीं कक्षा की पहली परीक्षा थी। जाम और अव्यवस्था के चलते परीक्षा केंद्र पहुंचने में कुछ मिनटों की देरी हो गई और उसे परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला।
ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जान दे दी
उसके लिए बिहार सरकार सारे दरवाजे बंद कर चुकी थी। यह केवल स्कूल का दरवाजा ही नहीं था बल्कि दरवाजा उसके भविष्य का, उसकी सफलता का, उसकी नियति का और सबसे बढ़कर दरवाजा उसके जीवन का। कोमल कुमारी ने गुहार लगाई, मिन्नतें की कि उसे परीक्षा में बैठने दिया जाये पर किसी का दिल नहीं पसीजा। अंत में इस सरकारी व्यवस्था से निराश, हताश और परेशान होकर बिहार की इस कोमल बेटी ने कठोर बन ट्रेन के आगे कूद कर अपनी जान दे दी।
दुख सुनने वाला कोई नहीं
बता दें कि तेजस्वी ने कहा कि बिहारी होने के नाते हम दुखी है, गमजदा है और हताश हैं। क्रूर निकम्मी सरकार के शासन में आखिर बेटियों की जान लीलती इन अव्यवस्थाओं का कोई अंत भी तो नहीं दिखाई देता। हर जगह से तस्वीरें और वीडियो आ रहे हैं, बेटियां परीक्षा केंद्र के बंद गेट के आगे रो रही है पर दुख सुनने वाला कोई नहीं। इस बहरी व्यवस्था के आगे अगर किसी और बेटी ने जान दे दी तो कितना खौफनाक होता चला जाएगा ये सब। हम सभी को बोलना होगा, आवाज उठानी होगी।
हमारी बेटियां हमारा गर्व हैं
उन्होंने कहा कि हम किसी भी कीमत पर बिहार की किसी और बेटी की जान एक दो मिनट की देरी के कारण नहीं जाने देंगे। हमारी बेटियां हमारा गर्व हैं और बिहारवासी अपने गर्व को बनाये रखने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। साथ ही सरकार को भी कहेंगे कि अविलंब कोमल कुमारी के परिजनों को मुआवजा दिया जाए और बेटियों को जाम आदि के कारण चंद मिनटों से परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचने पर प्रवेश दिया जाए। एक बेटी की जान एक दो मिनट से कहीं ज्यादा कीमती और अमूल्य है।




