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Bihar: ज्वैलरी की दुकानों में हिजाब, मास्क और हेलमेट पर बैन! इस मंत्री ने फैसले का किया स्वागत...

पटना। हिजाब अथवा घूंघट में यदि आप गहने की खरीदारी करने का सोच रहे हैं, तो जरा ठहर जाइए। दरअसल अब बिहार के किसी भी जिले की ज्वेलरी शॉप से आप हिजाब या घूंघट में ज्वेलरी की खरीदारी नहीं कर सकेंगे। इस नियम के तहत हिजाब, घूंघट, या फिर हेलमेट पहनकर भी आप गहने नहीं खरीद पाएंगे। इस मामले में ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्ड फेडरेशन ने निर्देश जारी किया है।इस मुद्दे पर प्रदेश में सियासी घमासान जारी है। इसी बीच, बिहार सरकार में मंत्री लखेंद्र पासवान ने व्यापारियों के फैसले का समर्थन किया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सुशासन स्थापित हुआ है
मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सुशासन स्थापित हुआ है। जब सुशासन होता है, तो सब कुछ पारदर्शी होता है। यदि दुकानदारों ने अपनी सुरक्षा के लिए यह तय किया है कि कोई भी व्यक्ति दुकानों में हेलमेट या हिजाब पहनकर नहीं आएगा, तो यह बहुत अच्छी पहल है। इसका मकसद यह है कि दुकान पर कोई भी व्यक्ति जाए तो दुकानदार उसका चेहरा देख सके। उन्होंने कहा कि यदि दुकानदारों के संगठन ने ऐसा फैसला लिया है, तो मैं इस फैसले की तारीफ करता हूं और इसका पूरा समर्थन करता हूं।
ऑल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन ने दी जानकारी
ऑल इंडिया गोल्ड एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा कारणों की वजह से लिया गया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष ने जानकारी दी कि सराफा कारोबार हमेशा से अपराधियों के निशाने पर रहा है। इसलिए हम यह निर्णय पूरी तरह से सुरक्षा को ध्यान में रखकर ले रहे हैं। चेहरा ढका होने के कारण अपराधियों की पहचान कर पाना मुश्किल हो जाता है। इसीलिए हमने यह कदम उठाया है।
मुस्लिम महिलाओं ने जताई नाराजगी
जिन दुकानों में इससे संबंधित नोटिस चिपका हुआ था वहीं हिजाब पहनकर आयी कुछ मुस्लिम महिलाओं ने कहा कि ये सही फैसला नहीं है। अगर ऐसा हुआ तो हमलोग उस दुकान में नहीं जाएंगे। ऐसी दुकानों का बायकॉट करेंगे। इधर जेडीयू एमएलसी खालिद अनवर ने भी इस फैसले का विरोध करते हुए कहा है कि ये एक वेवकूफी वाला फैसला है
वारदात को अंजाम देकर हो जाते हैं फरार
बता दें कि बिहार के अलग-अलग जिलों में सराफा दुकानों में चोरी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई मामलों में अपराधी अपनी पहचान छुपाने के लिए चेहरे ढककर दुकानों में घुसते हैं और वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में दुकानदारों की सुरक्षा खतरे में रहती है।




