
- Home
- /
- मुख्य समाचार
- /
- Budget 2026: 1 फरवरी...
Budget 2026: 1 फरवरी को आएगा देश का आम बजट! भारतीय इतिहास में एक नहीं हुआ था हलवा सेरेमनी, जानें क्यों

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का यह अहम बजट पेश करेंगी। देश का आम बजट 2026 आने वाला है और इस बार यह 1 फरवरी को रविवार के दिन संसद में पेश किया जाएगा। बजट से जुड़ी तैयारियां अंतिम दौर में हैं और हर बार की तरह इससे जुड़ी परंपराएं भी चर्चा में हैं। इन्हीं में से एक है हलवा सेरेमनी, जो आम तौर पर बजट से ठीक पहले होती है। लेकिन एक साल ऐसा भी रहा है, जब इस हलवा सेरेमनी की परंपरा टूट गई थी।
प्रशासनिक लापरवाही या परंपरा से दूरी की वजह से नहीं
दरअसल, हलवा सेरेमनी बजट प्रक्रिया का एक प्रतीकात्मक, लेकिन बेहद अहम हिस्सा है। जब बजट का मसौदा पूरी तरह तैयार हो जाता है और उसकी छपाई शुरू होने वाली होती है, तब वित्त मंत्रालय के नॉर्थ ब्लॉक में यह रस्म निभाई जाती है। भारत में बजट से पहले हलवा सेरेमनी की परंपरा आजादी के बाद से लगातार चली आ रही है। दशकों से हर सरकार ने इसे निभाया। चाहे हालात जैसे भी रहे हों, बजट से पहले मिठास बांटने की यह रस्म कभी नहीं टूटी। यही वजह है कि जब एक साल यह परंपरा नहीं निभाई गई, तो उसने इतिहास में खास जगह बना ली।
कर्मचारियों को उनके घर या दफ्तर पर मिठाई भिजवाई
कोरोना की तीसरी लहर के दौरान सरकार ने भीड़भाड़ से बचने और संक्रमण रोकने के लिए कई सख्त कदम उठाए थे। वित्त मंत्रालय ने भी इसी को ध्यान में रखते हुए हलवा सेरेमनी रद्द करने का फैसला किया था। नॉर्थ ब्लॉक में अधिकारियों और कर्मचारियों को एक जगह इकट्ठा करना उस समय सुरक्षित नहीं माना गया। इसलिए 2022 में यह रस्म नहीं निभाई गई। वित्त मंत्रालय ने बजट से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके घर या दफ्तर पर मिठाई भिजवाई। हालांकि हलवा सेरेमनी नहीं हुई, लेकिन परंपरा की भावना को पूरी तरह छोड़ा नहीं गया। यानी मिठास का प्रतीक बना रहा, बस उसका स्वरूप बदल गया। यह कदम सुरक्षा और परंपरा के बीच संतुलन बनाने की कोशिश था।
हलवा सेरेमनी सिर्फ मिठाई बांटने का कार्यक्रम नहीं
हलवा सेरेमनी सिर्फ मिठाई बांटने का कार्यक्रम नहीं है। इसके साथ ही बजट की गोपनीय प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है। इस रस्म के बाद बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी पूरी तरह से आइसोलेशन में चले जाते हैं। वे न मोबाइल फोन इस्तेमाल कर सकते हैं और न ही इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना होता है कि बजट से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक न हो। हलवा सेरेमनी के बाद से लेकर बजट पेश होने तक संबंधित अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं। इलाज और जरूरी सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम होते हैं, लेकिन बाहरी दुनिया से संपर्क पूरी तरह कट जाता है। इस तरह हलवा सेरेमनी बजट की गोपनीयता और गंभीरता दोनों का प्रतीक मानी जाती है।




