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ट्रंप को एक और झटका देने की तैयारी में कनाडा! PM मार्क कार्नी जल्द आएंगे भारत, दोनों देशों के बीच रिश्तों को मिलेगी नई उड़ान

Shilpi Narayan
26 Jan 2026 9:38 PM IST
ट्रंप को एक और झटका देने की तैयारी में कनाडा! PM मार्क कार्नी जल्द आएंगे भारत, दोनों देशों के बीच रिश्तों को मिलेगी नई उड़ान
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नई दिल्ली। भारत और कनाडा के बीच संबंधों में सकारात्मक प्रगति जारी है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कनाडा की अपनी समकक्ष अनीता आनंद से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की और इसे बेहद उपयोगी करार दिया है।

ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा

उनका यह बयान अमेरिका और चीन में बढ़ते वर्चस्व के बीच अमेरिकी सरकार की तरफ से यूरोप, कनाडा, भारत समेत कई देशों पर कारोबारी दबाव बनाने के संदर्भ में आया है। कई जानकारों ने कार्नी के बयान को भारत-कनाडा के बीच बढ़ते संपर्कों के संदर्भ में भी देखा है। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इसी हफ्ते भारत और कनाडा के बीच बातचीत होने वाली है।

इन मुद्दों पर चर्चा

कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम होजीसन गोवा में मंगलवार से आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी के साथ टिम होजीसन की होने वाली मुलाकात में क्रिटिकल मिनरल्स, यूरेनियम और लिक्विफाइड नेचुरल गैस जैसे क्षेत्रों में संभावित सौदों पर चर्चा होगी। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ महीनों में राजनयिक स्तर पर संपर्क बढ़े हैं, जिसमें उच्चायुक्तों की नियुक्ति और अन्य कदम शामिल हैं।

कार्नी मार्च की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं

इस वार्ता में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की आगामी भारत यात्रा की तैयारियों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, कार्नी मार्च की शुरुआत में भारत का दौरा कर सकते हैं, जिसमें दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को लेकर कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।

मध्यम शक्तियों को साथ मिलकर काम करना चाहिए

बता दें कि दोनों देशों के बीच ऊर्जा, यूरेनियम आपूर्ति, खनिज जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को लेकर वार्ता शुरू भी हो चुकी है। यह टेलीफोन वार्ता ऐसे समय में हुई है, जब कनाडाई पीएम कार्नी ने हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच में दिए अपने भाषण में दुनिया की उभरती शक्तियों को एकजुट होने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि बदलते वैश्विक व्यवस्था में मध्यम शक्तियों को साथ मिलकर काम करना चाहिए।

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