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कप्तान सूर्या ने किया खुलासा! किशन की कैसे हुई टीम एंट्री, संजू ने किया था यह सवाल

नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की जीत के कई हीरो रहे। हालांकि इसमें सबसे अधिक चर्चा ईशान और संजू की वापसी की रही। वहीं फैंस ने इनका फार्म देखकर कहा कि वापसी ऐसी धमाकेदार होनी चाहिए। इनमें सबसे प्रेरणादायक कहानी दो विकेटकीपर बल्लेबाजों ईशान किशन और संजू सैमसन की रही। ईशान की जहां अचानक टी20 विश्वकप टीम में एंट्री हुई, वह संजू टूर्नामेंट की शुरुआत में प्लेइंग इलेवन तक में शामिल नहीं थे।
भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई
हालांकि टूर्नामेंट में दोनों का प्रदर्शन शानदार रहा है। सैमसन ने लगातार तीन अर्धशतक लगाकर भारत को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। शानदार प्रदर्शन के कारण उन्हें टूर्नामेंट का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया। अब सूर्यकुमार ने खुलासा किया है कि ईशान किशन की टीम में वापसी कैसे हुई थी। साथ ही कप्तान ने यह भी बताया कि सैमसन को उनके मुश्किल दौर में उन्होंने क्या नसीहत दी थी। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब सैमसन टीम से बाहर थे, तब दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी। सूर्य ने बताया कि सैमसन खुद उनके पास आए थे और टीम में अपनी भूमिका के बारे में जानना चाहते थे।
संजू के पास बहुत टैलेंट है
उन्होंने कहा कि संजू के पास बहुत टैलेंट है। वह विकेटकीपर हैं और टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी कर सकते हैं। मुझे याद है वह एक बार मेरे पास आए और बोले कि बस मुझे बता दीजिए कि टीम मुझसे क्या चाहती है। हमने उनसे कहा कि हमें वही संजू सैमसन चाहिए जो गेंदबाजों पर हमला करते हैं। सूर्य ने यह भी बताया कि सैमसन ने टीम के सामने भी साफ कहा था कि वह पहले टीम की जरूरत को प्राथमिकता देंगे। सूर्यकुमार ने बताया कि उसने पूरी टीम से कहा कि हम पहले वही करेंगे जो टीम चाहती है, उसके बाद अपनी सोचेंगे। तभी हम कुछ खास हासिल कर पाएंगे।
सैमसन लगातार मेहनत कर रहे थे
सूर्यकुमार यादव ने कहा कि जब सैमसन प्लेइंग इलेवन में नहीं थे, तब उन्होंने उन्हें धैर्य रखने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि जब वह नहीं खेल रहे थे, तब मैंने उनसे कहा कि यह कठिन दौर है लेकिन इसे स्वीकार करो। अगर भगवान ने तुम्हारे लिए कुछ लिखा है तो वह जरूर मिलेगा। सूर्य के अनुसार सैमसन लगातार मेहनत कर रहे थे और मौका मिलने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वह खुद को तैयार कर रहे थे कि अगर मौका मिला तो उसे पकड़ लेना है और पूरी दुनिया देखेगी।
ईशान ने कई तूफानी पारियां खेलीं
सूर्यकुमार ने कहा कि ईशान पिछले काफी समय से टीम से बाहर थे और उन्हें अचानक टी20 विश्वकप की टीम में चुना गया और इसके बाद ईशान ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। पूरे टूर्नामेंट में अहम समय में उनका बल्ला चला और ईशान ने कई तूफानी पारियां खेलीं। सूर्यकुमार ने बताया कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले जब मैं टीम का चयन कर रहा था, तो मैंने ईशान से बातचीत की थी। मैंने उनसे पूछा था कि क्या आप मेरे लिए विश्वकप जीतोगे? इस पर ईशान ने मुझे जवाब दिया कि मुझ पर थोड़ा बहुत विश्वास दिखाओ और मैं जिताऊंगा। हमारी विश्वकप से पहले यही बातचीत हुई थी।
ईशान ने हमें निराश नहीं किया
ईशान के संघर्ष पर बात करते हुए सूर्यकुमार ने कहा कि ईशान ने हमें निराश नहीं किया। जिस तरह से उन्होंने खेला, वह देखना शानदार था। उन्होंने पिछले दो साल में काफी संघर्ष किया है। काफी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को मिस किया। हालांकि इसके बाद वह घरेलू क्रिकेट में लौटे और घरेलू टूर्नामेंट्स खेले, अपना रोल बखूबी निभाया, कड़ी मेहनत की और टीम इंडिया में वापसी की और वही किया जो करने में वह बेस्ट हैं।




