Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

CBSE ने जारी किया नया सर्कुलर: किताबें नहीं, फिर भी पढ़ानी होगी तीसरी भाषा, छठी क्लास में इसी सेशन से 3 भाषाएं पढ़ाने का नियम लागू...

Aryan
9 April 2026 6:28 PM IST
CBSE ने जारी किया नया सर्कुलर:  किताबें नहीं, फिर भी पढ़ानी होगी तीसरी भाषा, छठी क्लास में इसी सेशन से 3 भाषाएं पढ़ाने का नियम लागू...
x
इस बदलाव की निगरानी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर छात्र को बहुभाषी शिक्षा का पूरा लाभ मिल सके।


नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने देश भर के स्कूलों के लिए एक बेहद जरूरी और सख्त निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 में तीसरी भाषा की पढ़ाई शुरू करना अब अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं सभी स्कूलों को इसे केवल 7 दिनों के भीतर लागू करना होगा। सीबीएसई के मुताबिक यह आदेश पूरी तरह से अनिवार्य है। जिन स्कूलों ने अब तक इसकी तैयारी नहीं की है उन्हें तत्काल प्रभाव से इस पर काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बोर्ड का कहना है कि भाषा सीखने की प्रक्रिया में कोई देरी नहीं होनी चाहिए इसलिए स्कूलों को इसे प्राथमिकता देनी होगी।

अन्य शिक्षण सामग्री की मदद से शुरू होगी क्लास

बोर्ड ने अपने सर्कुलर में एक चौंकाने वाली बात यह भी कही है कि भले ही अभी आधिकारिक किताबें उपलब्ध न हों फिर भी स्कूलों को पढ़ाई रोकनी नहीं है। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे बाजार में मिलने वाली स्थानीय किताबों या अन्य शिक्षण सामग्री का इस्तेमाल करके कक्षा 6 में तीसरी भाषा पढ़ाना शुरू कर दें। आधिकारिक किताबें जल्द ही उपलब्ध करा दी जाएंगी लेकिन तब तक शिक्षकों को खुद ही संसाधनों का इंतजाम करना होगा। इसके साथ ही हर स्कूल को यह भी बताना होगा कि उन्होंने तीसरी भाषा के रूप में किस भाषा को चुना है और इसकी जानकारी बोर्ड के ओएसिस पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।

भाषा के चुनाव का भविष्य के विकल्पों पर भी पड़ेगा असर

सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि कक्षा 6 में चुनी गई भाषा का असर छात्र के भविष्य के विकल्पों पर भी पड़ेगा। नियम के मुताबिक स्कूल कक्षा 9 और 10 में केवल उन्हीं भाषाओं को विकल्प के रूप में दे पाएंगे जिन्हें उन्होंने कक्षा 6 के स्तर पर शुरू किया है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई स्कूल अभी तीसरी भाषा चुनने में गलती करता है तो बाद में छात्रों के पास बड़े स्तर पर भाषा बदलने का मौका नहीं होगा। इस बदलाव की निगरानी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों द्वारा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर छात्र को बहुभाषी शिक्षा का पूरा लाभ मिल सके।

Next Story