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खरमास और पंचक में होगा चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ, घटस्थापना के लिए मिलेगा बस इतना समय, जान लें सभी कुछ

नई दिल्ली। कल से पावन चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होने जा रहा है। ऐसे में इस वर्ष की नवरात्रि विशेष है क्योंकि यह पूरी तरह से खरमास के साये में रहेगी और शुरुआती तीन दिन पंचक का प्रभाव भी रहेगा। इस बार घटस्थापना के लिए मुख्य शुभ मुहूर्त सुबह केवल 51 मिनट के लिए उपलब्ध रहेगा।
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, घटस्थापना के लिए निम्नलिखित समय सबसे श्रेष्ठ माने गए हैं।
प्रातःकालीन मुख्य मुहूर्त: सुबह 06:52 बजे से 07:43 बजे तक।
अभिजीत मुहूर्त (विकल्प): दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक।
इन शुभ कार्यों पर रहेगी पाबंदी
विवाह और सगाई: खरमास में सूर्य के मीन राशि में होने के कारण गुरु का प्रभाव कम हो जाता है, इसलिए शादी-ब्याह वर्जित रहते हैं।
गृह प्रवेश: नए घर में प्रवेश या नींव पूजन (भूमि पूजन) इस दौरान नहीं करना चाहिए।
मुंडन और अन्य संस्कार: बच्चों का मुंडन या अन्य प्रमुख 16 संस्कार इस अवधि में नहीं किए जाते।
नया व्यापार: नए बिजनेस की शुरुआत या बड़ी निवेश योजनाओं को 14 अप्रैल तक टालना बेहतर माना गया है।
संपत्ति और वाहन की खरीदारी: पंचक और खरमास के दौरान नई गाड़ी या घर खरीदना शुभ नहीं माना जाता।
विशेष संयोग
इस बार चैत्र नवरात्रि पर करीब 72 साल बाद एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जहाँ प्रतिपदा तिथि पर सूर्योदय के समय अमावस्या का भी प्रभाव रहेगा। नवरात्रि का समापन 27 मार्च 2026 को होगा।




