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दिल्ली-NCR में ठंड और प्रदूषण का डबल अटैक! GRAP-3 हुआ लागू, गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित

Shilpi Narayan
16 Jan 2026 10:07 PM IST
दिल्ली-NCR में ठंड और प्रदूषण का डबल अटैक! GRAP-3 हुआ लागू, गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित
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नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में ठंड और प्रदूषण का अटैक जारी है। राजधानी में हवा की दिशा बदलने और गति सुस्त पड़ने की वजह से फिजा बेहद खराब श्रेणी में बरकरार है। ऐसे में आज AQI 354 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। दिल्ली के अलावा एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही।

वाहन से होने वाला प्रदूषण 15.08 फीसदी रहा

बता दें कि यहां एक्यूआई 376 दर्ज किया गया। नोएडा में 363, ग्रेटर नोएडा में 358 और गुरुग्राम में 347 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 245 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 15.08 फीसदी रहा।

हवा के गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका

इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 12.29, आवासीय इलाकों से 3.69, निर्माण गतिविधियों से 1.91 और कूड़ा जलाने की 1.32 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, शुक्रवार को हवा उत्तर पूर्व दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 700 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 3000 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, शाम छह बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 279.9 और पीएम2.5 की मात्रा 170.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार को हवा के गंभीर श्रेणी में पहुंचने की आशंका है।

ग्रैप-3 के तहत पाबंदियां लागू

दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रैप-3 के तहत पाबंदियां लागू की हैं। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में हवा की गुणवत्ता और ज्यादा खराब हो सकती है। इसी को देखते हुए फैसला लिया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बृहस्पतिवार शाम 4 बजे 343 था, जो आज शाम में 354 हो गया। IMD और आईआईटीएम के पूर्वानुमान के मुताबिक हवा की रफ्तार कम रहने, वातावरण स्थिर होने और प्रदूषकों के ठीक से न फैल पाने के कारण एक्यूआई 400 के पार जा सकता है, जिससे स्थिति गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है।l

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