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घरेलू एलपीजी उत्पादन में 40% की हुई वृद्धि, सरकार ने फिर दोहराया- तेल, गैस की नहीं कमी

Anjali Tyagi
27 March 2026 4:58 PM IST
घरेलू एलपीजी उत्पादन में 40% की हुई वृद्धि, सरकार ने फिर दोहराया- तेल, गैस की नहीं कमी
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नई दिल्ली। देश में देश में गैस और तेल का संकट लोगों को परेशान कर रहा है। हालांकि सरकार अधिकारिक तौर पर कई बार आम नागरिकों से घोषणा कर इन सभी बातों का खंडन कर चुकी है। ऐसे में एक बार फिर सरकार की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है। सरकार की ओर से बताया गया है कि हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से या उससे भी अधिक क्षमता से चल रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की वृद्धि हुई है।

इस संघर्ष ने भारत की कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति को प्रभावित किया- पेट्रोलियम मंत्रालय

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा- पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत की कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति को प्रभावित किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के साथ-साथ अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें भी बढ़ी हैं। हालांकि, भारत सरकार ने स्थिति को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए विभिन्न स्तरों पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। हमारे पास पर्याप्त कच्चा तेल भंडार है और अगले दो महीनों के लिए आपूर्ति की व्यवस्था है। एलपीजी और पीएनजी के मामले में भी स्थिति अनुकूल है।

एलपीजी उत्पादन में 40% का इजाफा हुआ- सरकार

सरकार की ओर से बताया गया है कि हमारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से या उससे भी अधिक क्षमता से चल रही हैं और घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 40% की वृद्धि हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार चूंकि भारत आयात पर अत्यधिक निर्भर है और एलपीजी आयात का लगभग 90% होर्मुज जलडमरूमध्य से आता है- इसलिए सरकार ने वाणिज्यिक आपूर्ति के बजाय घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया। शुरुआत में वाणिज्यिक आपूर्ति रोक दी गई, फिर धीरे-धीरे बहाल की गई। पहले 20%, फिर पीएनजी विस्तार के लिए व्यापार में सुगमता के आधार पर अतिरिक्त 10%, बाद में बढ़ाकर 50% और अब 70% कर दी गई है। परिणामस्वरूप, लगभग 14 मार्च से अब तक 30,000 टन व्यावसायिक एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है।

एलपीजी, एलएनजी और पीएनजी की आपूर्ति सुरक्षित है

पेट्रोलियम मंत्रालय की सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि सरकार ने रेस्तरां, सड़क किनारे के ढाबों, होटलों, औद्योगिक कैंटीनों और प्रवासी श्रमिकों को प्राथमिकता दी। आदेशों में इस्पात, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, रंग, रसायन और प्लास्टिक को भी प्राथमिकता देने का उल्लेख किया गया था। प्रवासी श्रमिकों को लगभग 30,000 छोटे पांच किलो के सिलेंडर वितरित किए गए। इसका उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि भारत में पर्याप्त कच्चा तेल, पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। एलपीजी, एलएनजी और पीएनजी की आपूर्ति सुरक्षित है।



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