Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य समाचार

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना...आप सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में बोलने न देने पर दी प्रतिक्रिया!

Aryan
3 April 2026 10:53 AM IST
मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना...आप सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में बोलने न देने पर दी प्रतिक्रिया!
x
राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। क्या मैं गलत करता हूं?

नई दिल्ली। आप ने अपने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को बीते कल यानी गुरुवार को उन्हें उच्च सदन मतलब राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। इतना ही उन्हें सदन में बोलने के लिए समय आवंटित नहीं करने की अपील भी की। इस कड़ी में राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। चड्ढा लिखा कि खामोश करवाया गया हूं लेकिन हारा नहीं हूं।

मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। क्या मैं गलत करता हूं। कोई मेरे बोलने पर रोक क्यों लगाना चाहता है। आखिर इन मुद्दों को उठाने से आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ? आखिर क्यों कोई मुझे रोकना चाहेगा। आम आदमी को मेरा साथ देने के लिए शुक्रिया। मैं आप से हूं और आपके लिए हूं। जिन्होंने मुझे बोलने से रोका है उन्हें मेरा संदेश है कि मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।

यह है मामला

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय न दिया जाए। इसके कुछ समय बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में उच्च सदन में उनके हस्तक्षेप थे, जिसे ‘बुरी नजर’ कैप्शन दिया गया।

भाजपा ने भी तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें विपक्ष का सामना करने का साहस नहीं और न ही अपनी पार्टी को संभालने की ताकत है।

Next Story