
- Home
- /
- मुख्य समाचार
- /
- युद्ध के चलते...
युद्ध के चलते पाकिस्तान समेत कई देशों ने लगाया ‘लॉकडाउन’, स्कूल-कॉलेज बंद, वर्क-फ्रॉम-होम शुरू, जानें ताजा अपडेट

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच दुनिया में तेल की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसी स्थिति हो गई है कि तेल भंडार बचाने के लिए कई देशों ने ‘लॉकडाउन’ लगा दिया है। इसे ध्यान में रखकर स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। दरअसल कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ दे दिया गया है। गाड़ियों के लिए तेल नहीं मिल रहा है। पेट्रोप पंपों पर सेना की तैनाती की गई है। वहीं, कई जगह पेट्रोप पंपों पर ताला भी लगा दिया गया है। फिलहाल भारत में इस तरह की कोई दिक्कत नहीं हुई है। लेकिन यदि ऐसे हालात लंबे समय तक रहे तो यहां भी इस तरह की समस्या आ सकती है।
इस देश में मिल रहा क्यूआरकोड से तेल
श्रीलंका में स्कूलों, यूनिवर्सिटी और सरकारी दफ्तरों में आज यानी बुधवार के लिए सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया था। नेशनल फ्यूल पास को फिर से लागू किया गया है। यानी क्यूआरकोड से तेल दिया जा रहा है ताकि किसी को अधिक तेल न मिल जाए। निजी वाहनों के लिए अधिकतम सीमा 15 लीटर प्रति सप्ताह की सीमा तय कर दी गई है। यहां तक की सरकारी गाड़ियों को भी केवल 200 लीटर तेल दिया जा रहा है।
पाकिस्तान में हाहाकार
पाकिस्तान में हफ्ते में चार दिन 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क-फ्रॉम-होम कर दिया गया है। स्कूल और कॉलेज दो सप्ताह के लिए बंद कर दिए गए हैं। सरकारी विभागों को दिए जाने वाले ईंधन आवंटन में 50% की कटौती की गई है। सड़कों से गैर-आवश्यक सरकारी वाहनों को हटा दिया गया है।
केन्या और दक्षिण अफ्रीका
केन्या में ईंधन की राशनिंग लागू की गई है और निर्यात पर रोक लगा दी गई है। वहां के ऊर्जा नियामक ने साफ चेतावनी दी है कि इन पाबंदियों के बाद भी देश का ईंधन स्टॉक केवल अप्रैल तक ही चल पाएगा। दूसरी ओर, दक्षिण अफ्रीका के कई प्रांतों में पेट्रोल पंपों पर डीजल खत्म हो गया है। वहां घबराहट में होने वाली खरीदारी को रोकने के लिए उद्योग स्तर पर सख्ती की गई है ताकि सबको जरूरत भर का पेट्रोल-डीजल मिल सके।
भूटान केन में भी वर्क-फ्रॉम-होम
जमाखोरी रोकने के लिए जेरी कैन यानी प्लास्टिक के डिब्बों में ईंधन की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यहां भी वर्क-फ्रॉम-होम ढांचे को सक्रिय कर दिया गया है। आपातकालीन सेवाओं के लिए ईंधन राशनिंग को प्राथमिकता दी गई है।
बंग्लादेश में रोलिंग ब्लैकआउट लागू
बिजली का लोड कम करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों, विदेशी-पाठ्यक्रम वाले स्कूलों और कोचिंग सेंटरों को बंद कर दिया गया है और ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी गई हैं। 8 मार्च से ईंधन की राशनिंग शुरू की गई है। घरों के लिए 5 घंटे की रोलिंग ब्लैकआउट लागू की गई है, जबकि कपड़ा निर्यात क्षेत्र को बिजली के लिए प्राथमिकता दी जा रही है। तोड़फोड़ रोकने और स्टॉक की सुरक्षा के लिए प्रमुख तेल डिपो पर सेना तैनात की गई है। गैस की कमी के कारण 5 में से 4 सरकारी उर्वरक संयंत्रों को बंद करना पड़ा है।
कंबोडिया में एक तिहाई पेट्रोल पंप बंद
अनिश्चितता के चलते मध्य मार्च तक देश के 6,300 पेट्रोल स्टेशनों में से करीब एक तिहाई बंद हो चुके हैं।
कार-लेस डे की नीति दोहराने पर विचार
न्यूजीलैंड में सरकार 1979 के दौर की कार-लेस डे नीति वापस लाने पर विचार कर रही है, जिसमें हर गाड़ी मालिक को हफ्ते में एक दिन अपनी कार घर पर खड़ी करनी होगी। वहां ईंधन स्टॉक की निगरानी के लिए एम्बर अलर्ट जारी किया गया है और रिजर्व से 1.57 मिलियन बैरल तेल निकाला गया है। विमानन क्षेत्र भी बेहाल है, एयर न्यूजीलैंड ने महंगे जेट ईंधन की वजह से अपनी लगभग 1,100 उड़ानें रद्द कर दी हैं, जिससे 44,000 यात्री प्रभावित हुए हैं।




