
- Home
- /
- मुख्य समाचार
- /
- यूपी में बिजली...
यूपी में बिजली व्यवस्था बदली, प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म, अब इस मीटर को लगाया जाएगा, उपभोक्ताओं के पास होगा अन्य विकल्प...

लखनऊ। यूपी में बिजली की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। यूपी में प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने की चर्चा काफी दिन से हो रही थी, लेकिन अब इसकी अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। अब इसके जगह केवल स्मार्ट मीटर लगेंगे। इस कड़ी में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश को एक अप्रैल को ही अधिसूचित किया गया है। प्रदेश में लगभग 78 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगे हैं, जिसमें 70 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। पावर कार्पोरेशन की ओर से नए विद्युत कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाया जा रहा है।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता का विरोध किया गया
दरअसल प्रीपेड की अनिवार्यता का राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद विरोध कर रहा है। लेकिन संसद में सवाल उठने पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बयान दिया किया प्रीपेड जरूरी नहीं है। यह उपभोक्ताओं की मर्जी के ऊपर है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने कहा था कि राष्ट्रीय कानून विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ताओं के परिसर पर पोस्टपेड व प्रीपेड मोड में लगाने की बात कही थी।
एक अप्रैल को नई अधिसूचना जारी की गई
इसके बाद भी अधिकतर उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड मीटर ही लगाए जा रहे थे। विद्युत उपभोक्ता परिषद लगाता इसका विरोध कर रहा था। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने एक अप्रैल 2026 को नई अधिसूचना जारी कर दिया है। इसमें यह संशोधन कर दिया कि जिस भी क्षेत्र में संचार नेटवर्क मौजूद है वहां पर सभी बिजली कनेक्शन स्मार्ट मीटर के रूप में दिए जाएंगे। प्रीपेड की अनिवार्यता जो पहले थी उसे हटा दिया गया है। स्मार्ट मीटर के रूप में कनेक्शन तो दिए जाएंगे, लेकिन प्रीपेड मोड उपभोक्ताओं के विकल्प पर आधारित होगा।
प्रीपेड मोड के लिए उपभोक्ताओं की सहमति आवश्यक
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि संशोधित अधिसूचना जारी हो गई है। देशभर के विद्युत उपभोक्ताओं ने लड़ाई जीती है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण ने अपने आदेश में संशोधन कर दिया है अब पूरे देश में स्मार्ट मीटर तो लगा सकते हैं, लेकिन प्रीपेड मोड केवल उपभोक्ताओं की सहमति के आधार पर ही आगे बढ़ाया जाएगा।




