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ऐसे मुकाम पर देश को ले गए हैं मोदी... अगर यह ऑटोपायलट पर भी चलता रहे, तो भी यह विकसित भारत बन जाएगा: अजीत डोभाल

Anjali Tyagi
10 Jan 2026 12:24 PM IST
ऐसे मुकाम पर देश को ले गए हैं मोदी...  अगर यह ऑटोपायलट पर भी चलता रहे, तो भी यह विकसित भारत बन जाएगा: अजीत डोभाल
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहार अजीत डोभाल (NSA) ने आज विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह में युवाओं से संवाद किया

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहार अजीत डोभाल (NSA) आज विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह में पहुंचे। जहां उन्होंने युवाओं से संवाद किया। साथ ही युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस देश को ऐसे मुकाम पर ले गए हैं कि अगर यह ऑटोपायलट पर भी चलता रहे, तो भी यह विकसित भारत बन जाएगा।

क्या बोले अजीत डोभाल

NSA अजीत डोभाल ने कहा, यह आजाद भारत हमेशा इतना आज़ाद नहीं था जितना अब दिखता है। हमारे पूर्वजों ने इसके लिए बहुत बलिदान दिए। उन्होंने बहुत अपमान सहा और गहरी लाचारी के दौर देखे। कई लोगों को फांसी हुई। हमारे गांव जला दिए गए। हमारी सभ्यता नष्ट हो गई। हमारे मंदिरों को लूटा गया, और हम बेबस होकर देखते रहे। यह इतिहास हमारे सामने एक चुनौती पेश करता है कि आज भारत के हर युवा के अंदर वह आग होनी चाहिए। 'बदला' शब्द आदर्श नहीं है, लेकिन बदला अपने आप में एक शक्तिशाली ताकत है। हमें अपने इतिहास का बदला लेना है। हमें इस देश को वापस उस जगह ले जाना है जहाँ हम अपने अधिकारों, अपने विचारों और अपनी मान्यताओं के आधार पर एक महान भारत बना सकें।

'भारत विकसित होगा- अजीत डोभाल

अजीत डोभाल ने कहा, 'आज इतना कुछ बदल गया है कि मुझे सब कुछ पता नहीं है। लेकिन एक बात समान है, चाहे आप इसे महसूस करें या न करें - एक छोटी सी बात जो आपके जीवन की दिशा तय करती है: निर्णय लेने की क्षमता। आप सभी हर दिन छोटे-बड़े फैसले लेते हैं, और जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी, आपको हर कदम पर फैसले लेने होंगे। भारत विकसित होगा, यह निश्चित है।

शक्तिशाली हैं, तो आप स्वतंत्र रहेंगे- अजीत डोभाल

अजीत डोभाल ने कहा, 'दुनिया भर में चल रहे सभी संघर्ष और युद्ध इसलिए हैं क्योंकि कुछ देश दूसरों पर अपनी इच्छा थोपना चाहते हैं और इसके लिए अपनी पूरी शक्ति का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन अगर आप शक्तिशाली हैं, तो आप स्वतंत्र रहेंगे। अगर आत्मविश्वास नहीं है, तो सारी शक्ति और हथियार बेकार हैं। आज हमारे देश में ऐसा नेतृत्व होना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। उनकी प्रतिबद्धता, समर्पण और कड़ी मेहनत हम सभी के लिए प्रेरणा है। जैसा कि नेपोलियन ने एक बार कहा था कि मैं एक भेड़ के नेतृत्व में 1000 शेरों से नहीं डरता, बल्कि एक शेर के नेतृत्व में 1000 भेड़ों से डरता हूं।'

'विश्व अर्थव्यवस्था का इतिहास' किताब को लेकर भी बोले अजीत डोभाल

अजीत डोभाल ने आगे कहा कि एनएसए ने युवाओं को बताया कि इस किताब में उन्होंने कहा कि 1700 वर्षों तक अधिकांश समय भारत, और कभी-कभी चीन, विश्व अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करते रहे, और दोनों मिलकर इसका 55-60 प्रतिशत हिस्सा बनाते थे।भारत ने कई सफलताएं देखी हैं। हम कभी विज्ञान, अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी के शिखर पर थे, लेकिन हमारा पतन हुआ क्योंकि कुछ भी स्थायी नहीं है। यह एक निरंतर संघर्ष है। राष्ट्रवाद और स्वयं राष्ट्र को मजबूत बने रहने के लिए निरंतर कोशिश की जरूरत होती है, और यह संघर्ष कभी समाप्त नहीं होता।'

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