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बीजेपी में शामिल होते ही फूट पड़े AAP नेता राजेश गुप्ता के आंसू, केजरीवाल को दी कड़ी नसीहत

DeskNoida
29 Nov 2025 10:50 PM IST
बीजेपी में शामिल होते ही फूट पड़े AAP नेता राजेश गुप्ता के आंसू, केजरीवाल को दी कड़ी नसीहत
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दो बार विधायक रह चुके गुप्ता आप की कर्नाटक इकाई के प्रभारी भी थे और पार्टी में एक सक्रिय और प्रभावशाली चेहरे के रूप में पहचाने जाते थे। वह दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) उपचुनाव से ठीक पहले आम आदमी पार्टी (आप) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व विधायक और राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके राजेश गुप्ता ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। दो बार विधायक रह चुके गुप्ता आप की कर्नाटक इकाई के प्रभारी भी थे और पार्टी में एक सक्रिय और प्रभावशाली चेहरे के रूप में पहचाने जाते थे। वह दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुए।

गुप्ता के भाजपा में शामिल होने का फैसला राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का विषय बन गया है। भाजपा में प्रवेश के दौरान राजेश गुप्ता भावुक हो उठे और आप में बिताए दिनों को याद करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। इस दौरान उन्होंने अपने पूर्व नेता अरविंद केजरीवाल और पार्टी की कार्यशैली पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आप में ईमानदारी, निष्ठा और वर्षों की मेहनत का कोई सम्मान नहीं है। यहां नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ “इस्तेमाल करो और फेंको” की नीति अपनाई जाती है, जिसने पार्टी को अंदर से खोखला कर दिया है।

गुप्ता ने दावा किया कि पार्टी गठन के शुरुआती दौर में कई जाने-माने लोग अरविंद केजरीवाल की सोच और विचारधारा से प्रभावित होकर जुड़े थे, मगर समय के साथ केजरीवाल ने एक-एक कर सभी को दूर कर दिया। गुप्ता ने कहा कि वह भी अब उसी सूची का हिस्सा बन गए हैं, जिसे पार्टी ने नजरअंदाज किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अशोक विहार वार्ड उपचुनाव में आप ने टिकट उसी व्यक्ति को दिया है, जिसे पार्टी ने हाल ही में नोटिस जारी किया था। उनकी नाराजगी इस बात को लेकर भी थी कि पार्टी संयोजक ने उनसे बात करना तो दूर, उनसे मिलने तक की कोशिश नहीं की।

उन्होंने कहा, “मैंने हमेशा पार्टी की आवाज बनकर लड़ाई लड़ी, चाहे वह सदन में हो या टेलीविजन पर। लेकिन जब मैंने सवाल उठाए, तो मेरी निष्ठा पर सवाल कर दिया गया। मेरी बात सुनने के बजाय मुझे किनारे कर दिया गया।” गुप्ता के इन आरोपों ने एक बार फिर आप की आंतरिक राजनीति और नेतृत्व शैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने गुप्ता का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने एक जिम्मेदार विधायक और नेता के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई थी, लेकिन केजरीवाल ने उनकी काबिलियत की अनदेखी की। सचदेवा ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव हारने के बाद अरविंद केजरीवाल दिल्ली की राजनीति से गायब हो गए और हालात को देखते हुए यह जांच का विषय होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया अब सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आते, जबकि आप नेता आतिशी और गोपाल राय सिर्फ “स्पेशल अपीयरेंस” देकर चुनावी माहौल में सक्रियता दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। यह बयान आगामी एमसीडी उपचुनाव में आप की रणनीति पर भी सीधा निशाना माना जा रहा है।

राजेश गुप्ता के इस कदम ने न केवल आप में हलचल मचा दी है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि आखिर क्यों पार्टी से लगातार वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता दूर होते जा रहे हैं। आने वाले समय में यह फैसला दिल्ली की राजनीति पर किस तरह असर डालेगा, यह देखने वाली बात होगी।

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