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मकान गिराने के विरोध में बाप समेत दो बेटों ने लगाई फांसी, प्रशासन में मचा हड़कंप, जानें पूरा मामला...

शाहजहांपुर। यूपी के शाहजहांपुर से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां मकान गिराने के विरोध में पिता और दो पुत्रों ने फंदा लगा लिया। हालांकि तीनों को बचाया लिया गया। लेकिन एक बेटे के गले में फंदा अधिर कस जाने से समस्या गंभीर हो गई, जिससे उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस और राजस्व विभाग की टीम पहुंची थी
जानाकारी के मुताबिक, शाहजहांपुर के जलालाबाद के मझरेता मगटोरा गांव में चकरोड पर बने मकान को गिराने पहुंची पुलिस और राजस्व विभाग की टीम के सामने पिता और उसके दो पुत्रों ने पेड़ से फंदे से लटककर आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने उन लोगों को बचाया।
राजस्वकर्मियों पर लगाया आरोप
दरअसल एक बेटे के गले में फंदा अधिक कस जाने पर उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उन लोगों ने राजस्वकर्मियों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। नायब तहसीलदार रोहित कटियार पुलिस व राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचे।
प्रशासन ने मकान गिराना शुरू कर दिया
टीम ने चकरोड पर बने धनपाल के मकान को तोड़ना शुरू किया। इस पर धनपाल, उसके बेटे विवेक और दुर्गेश ने विरोध करना शुरू कर दिया। उनका कहना था कि वे लोग चार दशकों से अधिक समय से यहां पर रह रहे हैं। उन्हें पहले से सूचित भी नहीं किया गया।
तीनों लोग पेड़ पर चढ़ गए
इस बीच नाराज होकर दुर्गेश, विवेक और धनपाल मकान के पास लगे नीम के पेड़ पर चढ़ गए। पेड़ पर रस्सी का फंदा डालकर गले में डाल लिया। ये देखकर पुलिसकर्मियों ने तीनों लोगों को नीचे उतारा। इस बीच विवेक के गले में पड़ा फंदा कस गया।
चार लाख रुपये की गई मांग
उसकी हालत बिगड़ी तो पुलिस ने उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। धनपाल ने कहा कि उनसे मकान न तोड़े जाने के बदले में चार लाख रुपये मांगे जा रहे थे। पूर्व विधायक राजेश यादव व पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर हाल जाना।




