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रमजान के पाक महीने में एक साथ उठे 4 जनाजे, रात में दो बच्चियां भी दफनाई गईं, जानें कारण

मेरठ। मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना इलाके के किदवई नगर इस्लामाबाद में सोमवार रात करीब 8:45 बजे कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद के मकान में भीषण आग लग गई। आग में झुलसने और दम घुटने से इकबाल के बेटे आसिम की पत्नी रुखसार, उनका तीन साल का बेटा अकदस, 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और बेटे फारूक की बेटी महविश व बेटे हम्माद की मौत हो गई। वहीं, इकबाल की पत्नी अमीर बानो झुलस गई हैं। इस घटना के बाद दो जुड़वां बच्चियों के शव रात में ही दफना दिए गए। रुखसार और तीन बच्चों के शवों को आज यानी मंगलवार को दफनाया गया। रमजान के पाक महीने में एक साथ एक ही परिवार के कई शव उठाए गए। आज जनाजे में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आज यानी मंगलवार को चार शवों एक साथ देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।
स्थानीय लोगों ने दी जानकारी
स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के वक्त इकबाल अहमद और उनके दोनों बेटे आसिम व फारूक तरावीह की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद गए हुए थे। इसके अलावा मोहल्ले के भी अधिकतर पुरुष नमाज पढ़ने गए थे। इकबाल के घर में इकबाल की पत्नी अमीर बानो, बेटा आसिम, उसकी पत्नी रुखसार, उनका 3 वर्षीय बेटा अकदस, 6 माह की जुड़वां बेटियां नबिया व इनायत और फारूक की बेटी महविश व बेटा हम्माद मौजूद थे। रात करीब 8:15 बजे अचानक घर में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया।
पड़ोसियों ने परिवार के कई सदस्यों की बचाई जान
वहीं, हादसे के दौरान फारूक और उनके भाई डॉ. अरशद की पत्नी नजमा व उनके बच्चे भी मकान में फंस गए थे। बच्चों के चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी जमा हुए। उन्होंने नाजिश, नजमा और उनके बच्चे शहरीश को सामने रहने वाले पड़ोसी की छत के रास्ते जाकर बचा लिया।
दमकलकर्मियों ने लोगों की मदद से रुखसार और बच्चों को निकाला
कमरे में फंसी रुखसार और बच्चों को दमकलकर्मियों ने लोगों की मदद से निकाला। पड़ोसियों ने कहा कि मकान में फंसी फारूक और डॉक्टर अरशद की पत्नी व उनके दो बच्चे दूसरी मंजिल की छत पर आकर चिल्ला रहे थे। इसलिए पड़ोस के लोगों ने सबसे पहले उन्हें सामने वाले मकान की छत पर उतारा, जबकि रुखसार और बच्चे दूसरे कमरे में थे। आग और धुएं के कारण पड़ोसी वहां तक नहीं पहुंच सके।




