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गाजियाबाद ट्रिपल सुसाइड केस: 17 दिन की गहन तफ्तीश के बाद रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, जानें क्या

गाजियाबाद। यूपी के गाजियाबाद स्थित भारत सिटी सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों द्वारा 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब इस कड़ी में पुलिस की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आ गई है। एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटील को सौंपा गया है। करीब 17 दिनों की गहन तफ्तीश के बाद एसीपी अतुल कुमार सिंह की रिपोर्ट में खौफनाक वजहों का खुलासा किया गया है, जिस वजह से तीन मासूमों को आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। इस रिपोर्ट से कई ऐसे सच उजागर हुए हैं, जो बच्चों के लिए जानलेवा था।
डिजिटल दुनिया की सनक
जानकारी के मुताबिक, जांच में सबसे बड़ा खुलासा बच्चियों की कोरियन (K-Culture) के प्रति सनक को लेकर हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी इस कदर इस गेम की आदी थी कि उन्होंने अपने नाम तक कोरियाई रख लिए थे। यहां तक कि तीनों बहनें पिछले 3 सालों से स्कूल नहीं गई थीं। सुसाइड नोट में लिखा था कि हमसे कोरियन गेम छुड़वाने की बात की थी, लेकिन ऐसा हमसे नहीं हो पाएगा। जब पिता ने मोबाइल छीना तो उनकी दुनिया तबाह हो गई।
पुलिस ने खतरनाक गेम्स की पहचान
पुलिस ने सुसाइड नोट के विश्लेषण के आधार पर पांच ऐसे खतरनाक गेम्स की पहचान की है जो 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए प्रतिबंधित हैं। इनमें पोपी प्ले टाइम, द बेबी इन येलो, ईविल नन, आइसक्रीम मैन और आइस गेम के नाम शामिल हैं। दरअसल ये सभी ‘टास्क-बेस्ड’ हॉरर गेम्स बच्चों को मानसिक रूप से हिंसक और निराश होने के मकसद से ही बनाए गए हैं।
पिता के बयान पर उठा संदेह
दरअसल तफ्तीश के दौरान पिता चेतन कुमार की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। जानकारी के मुताबिक, चेतन ने तीन शादियां की थीं, उनमें से दो सगी बहनें थीं। पुलिस ने चेतन द्वारा दिए गए बयान से कई झूठ पकड़े हैं। साल 2018 में चेतन की साली की भी उसी फ्लैट से गिरकर मौत हो गई थी। उस वक्त भी पुलिस को वो गुमराह करता रहा। चेतन का घर पर 20 से 25 लाख रुपये का कर्ज था, जिसकी वजह से हमेशा घर में तनाव का माहौल रहता था।
पुलिस ने 14 गवाह के दर्ज किए बयान
पुलिस ने सोसाइटी के गार्ड्स, पड़ोसियों और रिश्तेदारों समेत 14 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, 8 पन्नों के सुसाइड नोट में तीनों बच्चियों ने अपनी मानसिक स्थिति और डिजिटल दुनिया के प्रति अपने लगाव को विस्तार से लिखा है।
फॉरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार
डीसीपी निमिष पाटील ने जानकारी दी कि यह मामला फिलहाल आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन अभी मोबाइल की फॉरेंसिक जांच और हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट का इंतजार है। यदि किसी साजिश का संकेत मिला, तो केस की फाइल दोबारा खोली जाएगी।




