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जेएनयू में एबीवीपी और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच झड़प में कूदे गिरिराज सिंह, यह कहकर घसीट दिया राहुल को...

Aryan
23 Feb 2026 1:15 PM IST
जेएनयू में एबीवीपी और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच झड़प में कूदे गिरिराज सिंह, यह कहकर घसीट दिया राहुल को...
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प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी

नई दिल्ली। जेएनयू में बीती रात एबीवीपी और लेफ्ट समर्थित छात्र संगठनों के बीच झड़प हो गई। इस घटना को लेकर सियासी राजनीति फिर से गरमा गई। यह मामला इतना बढ़ गया कि पथराव भी हो गया। छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आरोप लगाया है कि कैंपस में हुई झड़प और अव्यवस्था के पीछे वामपंथी छात्र संगठनों की साजिश थी। वहीं, इस मामले पर अब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है।

ऐसे लोगों पर कड़े कानून बनने चाहिए

गिरिराज सिंह ने कहा कि ऐसे लोगों पर कड़े कानून बनने चाहिए। यह राहुल गांधी के टुकड़े वाली गैंग हैं। जेएनयू अर्बन नक्सल की नर्सरी बन गई है। इन लोगों पर कड़ा कानून लाया जाना चाहिए। ये देश के प्रति समर्पित नहीं हैं। लेफ्ट ऑर्गनाइजेशन वहां (जेएनयू) देश के विरोधियों को पैदा करता है। जो लड़के लेफ्टिस्ट नहीं हैं उन्हें ये लोग ABVP का सदस्य कहते हैं और उन्हें मारते हैं।

जेएनयू लेफ्ट की प्रयोगशाला

गिरिराज सिंह ने जेएनयू को राहुल गांधी और राहुल गांधी को जेएनयू करार दिया है। उन्होंने कहा कि जेएनयू लेफ्ट की प्रयोगशाला बन गई है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो छात्र लेफ्ट के नहीं होते हैं उन्हें डराया जाता, पीटा जाता है।

ABVP ने लेफ्ट समर्थित संगठनों पर लगाया आरोप

ABVP का कहना है कि कुछ लेफ्ट समर्थित संगठनों ने जानबूझकर माहौल खराब करने और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों को बाधित करने की कोशिश की। जानकारी के अनुसार, एक निर्धारित कार्यक्रम के दौरान पोस्टर फाड़ने, नारेबाजी करने और उकसावे की कार्रवाई की गई। इस वजह से स्थिति अधिक तनावपूर्ण हो गई और दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प हुई। ABVP ने यह भी आरोप लगाया कि लेफ्ट संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पहले धक्का-मुक्की शुरू की और उनके कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने का प्रयास किया।

लेफ्ट छात्र संगठनों ने किया पलटवार

दूसरी तरफ लेफ्ट छात्र संगठनों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि ABVP ने खुद माहौल को भड़काया और शांतिपूर्ण विरोध को बाधित करने की कोशिश की। लेफ्ट संगठनों के अनुसार, वे किसी मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन ABVP कार्यकर्ताओं ने आक्रामक रुख अपनाया जिससे विवाद बढ़ गया। या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ विश्वविद्यालय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

जेएनयू में लंबे समय से विभाजित राजनीति रही है

गौरतलब है कि जेएनयू में छात्र राजनीति लंबे समय से सक्रिय और वैचारिक रूप से विभाजित रही है, जहां विभिन्न विचारधाराओं के संगठन अपनी-अपनी नीतियों और मुद्दों को लेकर आमने-सामने आते रहे हैं। इस घटना से एक बार फिर कैंपस की राजनीति को राष्ट्रीय बहस का मुद्दा मिल गया है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

प्रशासन ने बरती सख्ती

प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करने वाली किसी भी गतिविधि पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। इस परिसर में शांति से ही मतभेद सुलझाने पर जोर दिया जाएगा।


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