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मकान बिक्री पर मेरठ में बवाल, थाने में हनुमान चालीसा का पाठ; तीन दिन में समाधान का आश्वासन

उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक संपत्ति विवाद ने सांप्रदायिक रंग ले लिया और माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। थापरनगर क्षेत्र में एक मुस्लिम युवक द्वारा मकान खरीदे जाने के बाद स्थानीय लोगों और हिंदू संगठनों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विरोध इतना बढ़ गया कि सदर थाने में धरने के दौरान घंटों तक हनुमान चालीसा का पाठ होता रहा। पुलिस और प्रशासन को हालात काबू में करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद लिखित आश्वासन के आधार पर धरना समाप्त कराया गया।
थापरनगर गली नंबर 7 में स्थित यह मकान खैरनगर निवासी सईद अहमद ने चार दिन पहले लगभग 1.45 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके लिए उन्होंने एक करोड़ रुपये का बैंक लोन भी लिया था। गुरुवार को सईद अपने परिवार के साथ नए घर में शिफ्ट हो गए थे, लेकिन मोहल्ले में खबर फैलते ही शुक्रवार दोपहर स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देर शाम लोग पलायन लिखी तख्तियां लेकर सड़कों पर उतर आए, जिसके बाद मामला गरमाता चला गया।
शनिवार सुबह 11 बजे के बाद विरोध तेज हो गया। हिंदू संगठनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने मकान का ताला खुलवाकर नए खरीदार को चाबी दिलवाई। आरोपों के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और संगठन के सदस्य सदर थाने पहुंच गए। यहां उन्होंने धरने पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया, जो लगभग छह घंटे तक चलता रहा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि थापरनगर हिंदू बहुल इलाका है और किसी अन्य समुदाय के आने से लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा होगी, जिससे आवासीय पलायन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
हिंदू युवा वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने मांग की कि मकान को उसी कीमत पर वापस खरीदा जाए, जिस कीमत पर बेचा गया था। उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि तीन दिन में समाधान नहीं हुआ तो अगला धरना सीधे विवादित मकान के बाहर दिया जाएगा। सिरोही ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने खरीदार को चाबी दिलवाने में पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाई।
विवाद बढ़ता देख सीओ कैंट नवीना शुक्ला और एसडीएम मृदुला मौके पर पहुंचीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बातचीत कर माहौल शांत करने की कोशिश की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा कि तीन दिनों के भीतर दोनों पक्षों को बैठाकर विवाद का समाधान कराया जाएगा। लिखित आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और धरना समाप्त हुआ।
इसी बीच वार्ता के लिए थाने आते समय सईद की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उनकी पत्नी अफसाना ने आरोप लगाया कि सुबह से थाने की ओर से लगातार फोन आ रहे थे और उनके पति पर दबाव बनाया जा रहा था, जिससे वह तनाव में थे। रास्ते में चक्कर आने पर वह गिर पड़े और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
फिलहाल मकान विवाद ने थापरनगर में असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में निर्णय नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। प्रशासन अब अगले तीन दिनों में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर विवाद का समाधान निकालने की तैयारी में जुटा है। मामला सिर्फ एक संपत्ति का नहीं रहा, बल्कि सामाजिक ताने-बाने और शांति-व्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बन चुका है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।




