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भगवान राम ने पृथ्वी पर कब तक शासन किया था? जानकर कहेंगे हे राम!

नई दिल्ली। हम सभी को भगवान श्री कृष्णा की मृत्यु के बारे में तो कहानियां सुनी हैं। मगर कभी सोचा है कि आखिर भगवान राम वैकुंठ धाम कब वापस गए। पौराणिक कथाओं और धर्मग्रंथों के अनुसार, भगवान श्री राम की मृत्यु किसी सामान्य मनुष्य की तरह नहीं हुई थी, बल्कि उन्होंने स्वयं अपनी इच्छा से सरयू नदी में जल समाधि ली थी।
यमराज का आगमन
जब भगवान राम का धरती पर अवतार का उद्देश्य (रावण का वध और धर्म की स्थापना) पूर्ण हो गया, तब कालदेव (यमराज) एक वृद्ध संत के रूप में उनसे मिलने आए।
राम-लक्ष्मण का प्रसंग
वार्तालाप के दौरान शर्त थी कि जो भी बीच में आएगा उसे मृत्युदंड मिलेगा। लक्ष्मण जी को द्वारपाल बनाया गया, लेकिन ऋषि दुर्वासा के क्रोध से अयोध्या को बचाने के लिए उन्हें अंदर जाना पड़ा। वचन निभाने के लिए राम जी ने लक्ष्मण को त्याग दिया, जिसके बाद लक्ष्मण जी ने सरयू नदी में जल समाधि ले ली।
जल समाधि
लक्ष्मण के जाने के बाद, भगवान राम ने भी अपना राजपाट अपने पुत्रों (लव और कुश) को सौंप दिया और अयोध्या के गोप्रतार घाट (गुप्तार घाट) पर सरयू नदी में प्रवेश किया। जैसे ही वे जल में समाए, उन्होंने अपना मानवीय रूप त्याग दिया और अपने वास्तविक स्वरूप भगवान विष्णु को धारण कर वैकुंठ धाम वापस चले गए। मान्यता है कि भगवान राम ने पृथ्वी पर 11,000 वर्षों तक शासन किया था।




