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कुछ चीजें समय पर न सीख पाने का पछतावा है...83 की उम्र में भी सीखने की ललक की प्रेरणा कोई अमिताभ बच्चन से लें

Shilpi Narayan
17 Jan 2026 5:30 PM IST
कुछ चीजें समय पर न सीख पाने का पछतावा है...83 की उम्र में भी सीखने की ललक की प्रेरणा कोई अमिताभ बच्चन से लें
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मुंबई। अमिताभ बच्चन इस उम्र में भी काफी एक्टिव रहते हैं। 83 की उम्र में भी बिग-बी बैक टू बैक फिल्में, शो और विज्ञापनों की शूटिंग करते हैं। साथ ही वह सोशल मीडिया के लिए भी वक्त निकाल लेते हैं। आए दिन बिग बी सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ जरूर पोस्ट करते रहते हैं। कभी अपनी फिल्मों तो कभी निजी जिंदगी की झलक फैंस को देते रहते हैं। इस बीच अमिताभ बच्चन का लेटेस्ट ब्लॉग भी सुर्खियों में हैं, जिसमें उन्होंने कुछ चीजों को लेकर पछतावा जाहिर किया है।

कुछ चीजें समय पर न सीख पाने का पछतावा है

अमिताभ बच्चन ने अपने लेटेस्ट ब्लॉग में बताया कि उन्हें उम्र के इस पड़ाव पर कुछ चीजें समय पर न सीख पाने का पछतावा है। उन्होंने अपने ब्लॉग में बताया कि उन्हें पछतावा है कि वह अपने काम से जुड़ी कई चीजें समय पर नहीं सीख पाए और उन्हें ये बात काफी खलती है। बिग बी अपने ब्लॉग में लिखते हैं कि हर दिन कुछ न कुछ नया सीखने को मिलता है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि जो चीजें सीखने की हैं, वह सालों पहले सीख ली जानी चाहिए थी।

क्यों है पछतावा?

अमिताभ बच्चन अपने पोस्ट में आगे लिखते हैं कि अफसोस इसलिए ज्यादा है क्योंकि जो कुछ अब सीखा जा रहा है वह उन दिनों मौजूद ही नहीं था... और अब सीखने की इच्छा, प्रयास और ऊर्जा समय और उम्र के साथ कम होती जा रही है। नए अविष्कारों और तकनीक की गति इतनी तेज है कि जब तक आप उन्हें सीखना शुरू करते हैं, तब तक समय निकल चुका होता है। इसलिए आज कई मीटिंग्स से यही रिजल्ट निकला है कि बेसिक चीजों को पहले ठीक से समझ लेना चाहिए और फिर काम पूरा करने के लिए अब के समय के बेस्ट टैलेंट्स और एक्सपर्ट्स को नियुक्त करें और काम हो जाएगा।

विशेषज्ञों को दें काम- अमिताभ बच्चन

बिग बी ने अपने ब्लॉग में बताया कि कैसे अगर आप दिए गए काम को नहीं कर पाते तो उसे कैसे कराना है। उन्होंने लिखा- 'अगर आप किसी दिए गए काम से अनजान हैं या उसे पूरा करने के लिए योग्य नहीं हैं, तो कोई बात नहीं। आप उसे स्वीकार करें, फिर उसे अपनी पसंद के विशेषज्ञों को सौंप दें और काम पूरा करवा लें। काम स्वीकार किया... विशेषज्ञों को नियुक्त किया... और हो गया...। मेरे जमाने में... अगर आपको काम की जानकारी नहीं होती थी, तो आपको पछतावा होता था और आप उसे कर नहीं पाते थे या नहीं कर सकते थे... लेकिन अब ऐसा नहीं है। आप काम हाथ में लेते हैं और आउटसोर्सिंग के जरिए उसे पूरा करवा लेते हैं। वाह, सही शब्द का इस्तेमाल करके कितनी राहत मिली।

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