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यदि हाइपोथायरॉइड से अचानक हाइपरथायरॉइड हो जाए तो क्या सावधानी बरतनी चाहिए, जानें विस्तार से...

Aryan
23 Feb 2026 9:00 AM IST
यदि हाइपोथायरॉइड से अचानक हाइपरथायरॉइड हो जाए तो क्या सावधानी बरतनी चाहिए,  जानें विस्तार से...
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महिलाओं में इर्रेगुलर पीरियड्स भी इसका संकेत होते हैं।

नई दिल्ली। थायरॉइड डिसऑर्डर की वजह से शरीर के मेटाबॉलिज्म और हार्मोन पर असर पड़ता है। इससे लोगों का वजन अचानक कम या ज्यादा हो जाता है, थकान होती है, बाल झड़ते हैं और दिल की धड़कन में गड़बड़ी हो जाती है। महिलाओं में इर्रेगुलर पीरियड्स भी इसका संकेत होते हैं। लेकिन समय पर जांच और इलाज से इसे कंट्रोल कर सकते हैं। लेकिन कभी- कभी हाइपोथायरॉइड से अचानक हाइपरथायरॉइड भी हो जाता है।

हाइपोथायरॉइड से हाइपरथायरॉइड में बदलाव

हाइपोथायरॉइड (थायरॉइड की कम सक्रियता) से अचानक हाइपरथायरॉइड (थायरॉइड की अधिक सक्रियता) में बदलना सामान्य नहीं है, लेकिन कुछ स्थितियों में ऐसा दिख सकता है। यह वास्तव में बीमारी बदलना नहीं बल्कि कारण या इलाज में बदलाव के कारण होता है।

नीचे मुख्य कारण समझिए:

दवा की अधिक मात्रा (Over-replacement)

अगर आप हाइपोथायरॉइड के लिए लेवोथायरॉक्सिन (thyroxine) ले रहे हैं और डोज अधिक हो जाए

अचानक वजन कम हो जाए

शरीर की ज़रूरत कम हो जाए

दवा खाली पेट सही तरीके से लेने लगें (जिससे absorption बढ़ जाए)

तो TSH बहुत कम हो सकता है और शरीर में हाइपरथायरॉइड जैसे लक्षण आने लगते हैं।

लक्षण:

धड़कन तेज, घबराहट, पसीना, वजन कम होना, हाथ कांपना।

ऑटोइम्यून बीमारी का बदलाव

थायरॉइड की दो आम ऑटोइम्यून बीमारियां हैं:

Hashimoto's thyroiditis – आमतौर पर हाइपोथायरॉइड करता है

Graves' disease – हाइपरथायरॉइड करता है

कुछ दुर्लभ मामलों में:

पहले Hashimoto’s होता है (TSH बढ़ा हुआ)

बाद में Graves’ विकसित हो सकता है या

Hashimoto’s के शुरुआती चरण में थोड़े समय के लिए thyroiditis phase में हार्मोन अचानक ज्यादा निकल सकते हैं

इसे कभी-कभी Hashitoxicosis भी कहा जाता है।

थायरॉइडाइटिस (थायरॉइड की सूजन)

अगर थायरॉइड में सूजन हो जाए (जैसे वायरल इन्फेक्शन के बाद), तो पहले कुछ हफ्तों तक हार्मोन ज्यादा निकलते हैं (हाइपर जैसा) फिर ग्रंथि थक जाती है और हाइपो हो जाता है। इसे subacute thyroiditis कहा जाता है।

लैब रिपोर्ट का भ्रम

कभी-कभी गलत समय पर टेस्ट

दवा टेस्ट से पहले लेना

लैब वैरिएशन

की वजह से रिपोर्ट हाइपर जैसी दिख सकती है, जबकि असल में ऐसा नहीं होता।

कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

अगर ये लक्षण हों:

दिल की धड़कन बहुत तेज

अचानक वजन तेजी से कम

चक्कर या कमजोरी

बेचैनी बहुत ज्यादा

तो तुरंत एंडोक्राइनोलॉजिस्ट से मिलें।

क्या करें

TSH, Free T3, Free T4 दोबारा टेस्ट कराएं

अगर दवा ले रहे हैं तो डॉक्टर से डोज़ रिव्यू कराएं

खुद से दवा बंद या शुरू न करें


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